लुधियाना/जालंधर. आरडीएक्स मामले का मुख्य आरोपी गुरप्रीत सिंह ढाई माह बाद आखिरकार लुधियाना पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया। गुरप्रीत को लुधियाना पुलिस की टीम नेपाल बार्डर के पास तराई क्षेत्र से काबू करके लाई है। पुलिस टीम पिछले कुछ दिनों से गुरप्रीत की तलाश में लगातार यूपी के ऊधमपुर व पीलीभीत क्षेत्र में छापामारी कर रही थी। पुलिस अधिकारी अभी किसी भी गिरफ्तारी से इंकार कर रहे हैं।
गुरप्रीत के दो साथी संदीप, हरमिंदर पहले ही पुलिस के हाथ चढ़ चुके हैं। गुरप्रीत की निशानदेही पर पुलिस ने विस्फोटक व हथियार भी बरामद कर लिए हैं। इस गिरफ्तारी के साथ पुलिस खुद को शिंगार सिनेमा बम कांड सुलझाने के भी काफी नजदीक मान रही है। सूत्रों के मुताबिक गुरप्रीत के ही एक साथी ने शिंगार सिनेमा में सीट के नीचे बम रखने की बात स्वीकारी है। यह बम प्लास्टिक की मोटी पाइप में छिपा कर रखा गया था।
राजस्थान सीमा से तस्करी
गुरप्रीत ने बताया, पंजाब में धमाके करने के लिए पाक से आरडीएक्स के दो बैग आए थे। उस तक बैग पहुंचाने वाले ने बताया कि राजस्थान के बार्डर से आरडीएक्स आया है। गुरप्रीत ने पुलिस को यह कह कर चौका दिया है कि उसने बसों में आरडीएक्स लेकर पंजाब के कई हिस्सों तक पहुंचाया था।
पाकिस्तान में ली थी ट्रेनिंग
गुरप्रीत मूल रूप से लुधियाना के गांव रुड़कां का रहने वाला है और उसका पिता त्रिलोक सिंह भी आतंकी था। गुरप्रीत ने बताया कि मलेशिया में आईएसआई एजेंट ने उसे वधावा सिंह, नीटा से मिलवाया। पाकिस्तान में उसे आईएसआई ने ट्रेनिंग दी। भारत आने के बाद उसने ढाई दर्जन ऐसे युवक तलाशे, जो सिरसा के डेरा प्रमुख से नफरत करते थे या फिर उन्हें पैसों की जरूरत थी।
बादल भी थे निशाने पर
आरोपियों ने माना कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी उनके निशाने पर थे। उनकी साजिश राजनीतिक सभा में विस्फोट करने की थी। इसके अलावा उनकी साजिश डेरा सच्च सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम व दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के मुखी आशुतोष महाराज को उड़ाने की भी थी।
चल रही है पूछताछ
गुरप्रीत सिंह को किसी गुप्त जगह पर रखा गया है। मामला लीक होने के भय से पुलिस उसे थाना दाखा या सीआईए स्टाफ लाए बिना किसी अन्य जगह ले गई है और उससे पूछताछ की जा रही है।