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घपला 15 सौ करोड़ रु. का

लुधियाना . विजिलैंस ब्यूरो ने सिटी सैंटर घोटाले में लुधियाना इंप्रूवमैंट ट्रस्ट को 15 सौ करोड़ रुपए के नुकसान का खुलासा किया है। इस घोटाले में 36 लोग शामिल थे। सीए की रिपोर्ट के आधार पर ब्यूरो ने इसे चालान में शामिल किया है। जांच जारी रहने के कारण घोटाले की राशि घट-बढ़ भी सकती है।

इस बीच, जिला सैशन जज जीके राय की कोर्ट ने सिटी सैंटर घोटाले में सोमवार को कैप्टन अमरिंदर सिंह समेत चार्जशीट में शामिल सभी 36 आरोपियों को समन जारी किया। कोर्ट ने आरोपियों को 10 जनवरी को कोर्ट में हाजिर रहने को कहा है।

सिटी सैंटर घोटाले की जब जांच शुरू हुई तो 21 सौ करोड़ और फिर 11 सौ करोड़ और बाद में 3000 करोड़ के घोटाले की बात सामने आई थी।

अब नए खुलासे के साथ ब्यूरो ने मामले की फाइल आगे बढ़ाई है। चार्जशीट में सिटी सैंटर के लिए बेची जाने वाली 15 लाख वर्ग फीट जमीन की औसत दर 10 हजार रुपए प्रति वर्ग फीट मानकर सीए ने हिसाब लगाया कि इसतरह ट्रस्ट को15 सौ करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

लुधियाना के शहीद भगत ¨सह नगर निवासी परमिन्दर सिंह और थरिके निवासी राम सिंह सोही ने विजिलैंस को दिए बयान में बताया है कि टुडे होम्स ने उन्हें यूनिट बेचने के लिए अधिकृत किया था। इन्हें खरीदारों से 70 फीसदी रकम ब्लैक में और 30 फीसदी रकम ऑन रिकॉर्ड लेने को कहा गया था। ब्लैक में ली जाने वाली रकम टुडे होम्स की होती थी। विजिलैंस की मानें तो इसी रकम से टुडे होम्स आरोपियों को मालामाल करता था। महज 30 फीसदी ऑन रिकार्ड रकम से एलआईटी को हिस्सेदारी जाती थी।

लूट के प्रमाण विजिलैंस ब्यूरो ने पक्खोवाल रोड निवासी गुरप्रीत सिंह ग्रेवाल, अर्शदीप सिंह बेदी और गुरशरण बावा नामक तीन खरीदारों को जांच में शामिल किया है। इन्होंने टुडे होम्स की लूट स्कीम की पोल खोली। ग्रेवाल के मुताबिक सिटी सैंटर में 65 लाख में उन्होंने एक यूनिट खरीदी थी। इसके लिए 24.50 लाख रुपए ड्राफ्ट के माध्यम से टुडे होम्स को जमा कराए थे और बाकी अंदर खाते। यही तरीका बेदी और बावा ने भी अपनाया। इनके जैसे दर्जनों लोगों ने लाभ लिया।

दबा दी गई थी शिकायत विजिलैंस ने चालान में स्पष्ट किया है कि मीडिया रिपोर्ट के खुलासे के बाद भाजपा सांसद नवजोत सिंह सिद्धू और अविनाश राय खन्ना ने लुधियाना के सराभा नगर थाने में केस दर्ज करने के लिए प्रमाण के साथ शिकायत दी थी। चूंकि मामला तब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर ¨सह समेत कई बड़े लोगों के खिलाफ था, इसलिए पुलिस ने इस पर कार्रवाई नहीं की। सराभा नगर थाने के तत्कालीन हैड मुंशी चमन सिंह, एसआई कुलवंत सिंह, एसएचओ अरविंद पुरी, डीएसपी आर.के. बख्शी और एसएसपी ए.एस. राय ने विजिलैंस बयान में अपनी मजबूरियां गिनाई हैं और खुलासा किया है कि शिकायत पर आगे क्या हुआ।

12 को दायर हुई थी चार्जशीट

विजिलैंस ब्यूरो ने 12 दिसंबर को कोर्ट में चार्जशीट दायर की थी। स्कूट्रनी के बाद कोर्ट ने आज सभी आरोपियों को सम्मन जारी किया।

इन आरोपियों को हुआ है समन कैप्टन अमरिंदर सिंह, अश्वजीत सिंह, रणइंदर सिंह, रमिन्दर सिंह, चौधरी जगजीत सिंह, सुनिल कुमार शर्मा, विनय सुभिखी, सैयद अरशद हुसैन नकवी, गुलशन कुमार गंभीर, सौरभ गुप्ता, संजीव कुमार गुप्ता, कमल कुमार वर्मा, अमित सरदाना, मनमोहन सिंह, दयालचंद गर्ग, चेतन गुप्ता, हरप्रीत सिंह संधू, अशोक चोपड़ा, बलजीत ¨सह, जगतार सिंह, अरुण नैय्यर, दविन्दर कुमार, सुनिता गंभीर, नताशा गंभीर, विक्रम गंभीर, यशु गंभीर, संजय जटवानी, अनिल नरुला, गुरदयाल कौर खंगूड़ा, नवकार जैन, भूपिंदर सिंह बसंत, सुरिन्दर पाल सिंह बिंद्रा, संजय तलवाड़, मलकीत कौर, विजय कुमार पारती और परमजीत सिंह सीबिया को कोर्ट ने सम्मन जारी किया है।

सीबिया है इश्तिहारी मुजरिम घोटाले में नाम आने के बाद से लुधियाना इंप्रूवमैंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन सीबिया फरार हैं। विजिलैंस ने उन्हें इश्तिहारी मुजरिम करार दिया हुआ है। आरोपियों में कुछ अग्रिम जमानत पर हैं जबकि कुछ ने नियमित जमानत ले रखी है।





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