गुवाहाटी.
असम में इस समय 36 जेहादी संगठन सक्रिय हैं जो हिंसक घटनाओं, अफीम एवं हथियार तस्करी और नकली नोटों के जरिए राज्य को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं।
एक गैर सरकारी संगठन 'असम पब्लिक वर्क्स' एपी डब्ल्यू के अध्यक्ष अभिजीत शर्मा ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य को 'यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट आफ असम' उल्फा से इतना खतरा नहीं है जितना खतरा ये जेहादी संगठन पैदा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उल्फा उग्रवादियों की संख्या सैंकडों में है जबकि इन जेहादी संगठनों के हजारों कार्यकर्ता राज्य में सक्रिय है। ये लोग राज्य के युवाओं को धन का लालच देकर अपने संगठनों में बडे पैमाने पर भर्ती कर रहे हैं।
इस संगठन ने मीडिया और पुलिस की रिपोर्टों के आधार कईं जेहादी संगठनों की सूची तैयार की है।
शर्मा ने आरोप लगाया कि इन संगठनों के उग्रवादी भारतीय नागरिक नहीं हैं और उल्फा जैसे संगठनों के कार्यकर्ताओं का मुख्यधारा में लौटने के लिए स्वागत किया जाएगा लेकिन इन जेहादी कार्यकर्ताओं को राज्य की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।