कुनमिंग (चीन).आतंकवादियों को नेस्तनाबूत करने के संयुक्त अभ्यास के साथ मंगलवार को भारत और चीन के बीच सैन्य संबंधों का एक नया अध्याय संपन्न हो गया। दुनिया की दो सबसे बड़ी थलसेनाओं का यह पहला संयुक्त अभ्यास था। अभ्यास के बाद भविष्य में भी ऐसे ही सहयोग का संकल्प दोहराया गया।
करीब डेढ़ घंटे के इस आतंकवादी निरोधक कार्रवाई के प्रदर्शन में 50 सशस्त्र आतंकियों को भारत और चीन के संयुक्त दस्ते ने टी-96 टैंकों, स्वचालित तोपों और हेलीकॉप्टरों के तीखे हमलों से ढेर कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान भारत के उप थल सेना प्रमुख ले. जनरल सुशील गुप्ता और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के ले. जनरल मा जियाओ तियान सहित दोनों ही सेनाओं के अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। दोनों देशों के राष्ट्रगान के साथ पांच दिवसीय संयुक्त अभ्यास का आधिकारिक समापन हुआ।
अभ्यास में शामिल भारतीय सेना के 103 सदस्यीय दस्ते का गठन जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फेंट्री से किया गया था। पांच दिन के इस सैन्य अभ्यास को ‘हाथों में हाथ’ नाम दिया गया था। अभ्यास के अंतिम दिन चीनी सेना के 11 जनरलों की मौजूदगी ने इसके महत्व को जाहिर कर दिया।
भारत-चीन संबंधों में सुधार की बहुमुखी रणनीति में सैन्य सहयोग की भी काफी अहम भूमिका है। जो राजनीतिक विवाद हैं, उनका हल दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय बैठकों में निकाल लिया जाएगा।-ले. जनरल सुशील गुप्ता, उपसेना प्रमुख, भारतीय थलसेना
चीन की सरकार बातचीत और सलाह-मशविरे के साथ सीमा विवाद का हल चाहती है। इस अभ्यास ने हमें एक-दूसरे को जानने का अच्छा मौका उपलब्ध कराया है।-ले. जनरल मा जियाओ तियान, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी