नई दिल्ली. अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के आरोपों से घिरी यूपीए सरकार मदरसों सहित सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय दिवसों पर तिरंगा फहराना अनिवार्य करने जा रही है। सरकार अल्पसंख्यक संस्थानों को राष्ट्रीय उत्सव धूमधाम से मनाने के लिए सहायता भी मुहैया कराएगी। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इसका स्वागत किया है।
11वीं योजना में मदरसों के आधुनिकीकरण के अभियान के अंतर्गत सरकार ने यह सुझाव रखा है। अभियान का एजेंडा पिछले हफ्ते राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में मंजूर किया गया था। इसके मुताबिक, इन संस्थानों में राष्ट्रभक्ति, अहिंसा, सहनशीलता, उदारता, राष्ट्रीय एकता और अखंडता जैसे विषयों का पाठ पढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। योजना के दौरान सरकार 12 हजार मदरसों को आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।
केंद्र का एजेंडा : यूपीए सरकार के ‘मदरसा सुधार एजेंडे’ में साफ कहा गया है कि इन संस्थानों में व्यवस्था को इस तरह मजबूत बनाया जाएगा, जिससे हर छात्र स्वस्थ मानसिकता के साथ जिम्मेदार नागरिक के रूप में भविष्य का सामना कर सके। राष्ट्रीय उत्सव मनाने के लिए मदरसों को विशेष आर्थिक सहायता की बात भी इसी एजेंडे में है।
* ‘अभी तक तिरंगा फहराना अनिवार्य नहीं था, लेकिन ज्यादातर संस्थान ऐसा करते रहे हैं। एक राष्ट्रवादी होने के नाते मैं इस कदम का स्वागत करता हूं। स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर हर संस्थान और घर पर तिरंगा फहरना ही चाहिए’।
- डा. कमाल फारूकी, सदस्य, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड