दौसा. वसुंधरा सरकार में काबीना मंत्री बनने के दूसरे ही दिन मंगलवार को रामकिशोर मीणा को दौसा में मीणा समाज के विरोध का सामना करना पड़ा। जगह-जगह पुतले जलाए गए और मेहंदीपुर बालाजी में दर्शन कर लौट रहे काफिले पर पथराव किया गया। दूसरी ओर गुर्जर समाज के लोगों ने साफा व माला पहनाकर स्वागत किया। संवैधानिक दायरे में गुर्जर जाति को आरक्षण का लाभ देने पर आपत्ति नहीं होने एवं जाति पंचायतों में शामिल नहीं होने के बयान को लेकर मीणा समाज के युवकों ने सोमनाथ चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया।
उधर, देवनारायण मंदिर में पत्रकारों से बात करते हुए काबीना मंत्री रामकिशोर मीणा ने गुर्जरों को एसटी में आरक्षण के सवाल पर कहा कि संवैधानिक व्यवस्थाओं के तहत मंत्रिमंडल द्वारा सामूहिक फैसला लिया जाता है, तो उनकी भी सहमति रहेगी। सरकार में सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। मैं यहां मीणा होने के नाते नहीं आया जनप्रतिनिधि हूं। उनके इस बयान से मीणा समाज में रोष रहा।
पुतला फूंकने पर मंत्री मीणा ने कहा कि लोगों का अपनी भावनाएं व्यक्त करने का तरीका है। जातिगत आधार पर मंत्री नहीं बने।