जयपुर. राज्य मंत्रिमंडल के फेरबदल में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने असंतुष्टों के पर कतरते हुए उनके अगुआ घनश्याम तिवाड़ी को आधा किरोड़ीलाल मीणा कर दिया है। तिवाड़ी से शिक्षा संबंधी सभी आठ विभाग वापस लेकर उन्हें केवल एक खाद्य विभाग सौंपा गया है। किरोड़ीलाल के पास आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग के अलावा खाद्य विभाग भी था।
असंतुष्ट खेमे के एक अन्य मंत्री कनकमल कटारा को भी हल्का कर दिया है। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे मंत्रिमंडल का पुनर्गठन करने के बाद मंगलवार को मंत्रियों के विभागों के फेरबदल की आधिकारिक घोषणा की। नए मंत्रियों में कालीचरण सराफ को स्कूल, कॉलेज, तकनीकी, संस्कृत सहित पूरा शिक्षा विभाग देकर तिवाड़ी के बरक्स कद्दावर बनाकर खड़ा करने की कोशिश की गई है।
असंतुष्ट मंत्रियों में गुलाबचंद कटारिया के गृह विभाग से छेड़छाड़ नहीं की गई है, लेकिन नरपतसिंह राजवी को दिग्गज नेता भैरोंसिंह शेखावत के दामाद होने का फायदा मिला है। प्रभुलाल सैनी को हल्का करते हुए उनसे सहकारिता विभाग लेकर उनके कट्टर प्रतिद्वंद्वी डॉ. नाथूसिंह गुर्जर को दे दिया गया है। डॉ. दिगंबरसिंह और यूनुस खान के भी विभाग बदल दिए गए हैं।
स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री प्रतापसिंह सिंघवी से शहरी विकास और स्थानीय निकाय विभाग वापस लिया गया है, लेकिन उन्हें युवा एवं खेलकूद और वन और पर्यावरण विभाग दे दिए गए हैं। सांवरलाल जाट, राजेंद्रसिंह राठौड़, मदन दिलावर, रामनारायण डूडी और कालूलाल गुर्जर के अलावा सभी राज्य मंत्रियों के विभाग यथावत रखे गए हैं। फेरदबल के आदेश मंत्रिमंडल सचिवालय के प्रमुख सचिव तपेश पवार ने मंगलवार शाम को जारी किए।