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International International सिडनी.
युवा पीढ़ी के लिए टाइमपास का साधन बन चुके मोबाइल एसएमएस के शौक ने अब रोग का रूप ले लिया है। नई पीढ़ी के इस नए रोग का नाम है ‘टेक्स्ट मैसेज थंब या टेक्स्टिंग टेनोसायनोवाइटिस।’ न्यूजीलैंड में डॉक्टरों ने एक छात्रा को इसी रोग का शिकार पाया है।
लगातार एसएमएस भेजने के कारण इस छात्रा फ्लूयर डी वेरे बीविस (20) की कलाई से अंगूठे के बीच का हिस्सा सूज गया है। यह छात्रा रोज औसतन 100 एसएमएस भेजने की आदी है। इससे पहले सिंगापुर और आस्ट्रेलिया में इस तरह के रोग के मामले सामने आए थे।
खबर का खुलासा करने वाले अखबार ‘सिडनी मर्ॉ्िनग हेराल्ड’ के अनुसार, दुनियाभर में हर रोज 2.8 करोड़ से ज्यादा एसएमएस किए जाते हैं।