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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. हादसा या बड़ी घटनाओं की सूचना के बाद पुलिस कब वहां पहुंचती है, इसे आज चेक किया गया। इसके लिए 22 थानेदारों को बुलाया गया, लेकिन
ज्यादातर समय पर नहीं पहुंच पाए।
कंट्रोल रुम से दोपहर 3 बजे अचानक वायरलेस मैसेज गूंजा और थानेदारों को उनके थानाक्षेत्र के किसी एक निर्धारित प्वाइंट पर पहुंचकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। नगर पुलिस अधीक्षकों को थानेदारों की चेक प्वाइंट पर मौजूदगी देखने की जिम्मेदारी सौंपी गई। मैसेज प्रसारित होते ही थानेदारों में अफरातफरी मच गई। तमाम आपाधापी के बावजूद कोई भी थानेदार 10 मिनट के पहले अपने प्वाइंट पर नहीं पहुंच सका। डीडीनगर के टीआई एलबीके श्रीवास्तव, पुरानीबस्ती के थानेदार जीवन नागेश और सरस्वती नगर के टीआई लंबोदर पटेल तो आधा-आधा घंटे बाद तक अपने चेक प्वाइंट पर नहीं पहुंच सके थे। गुढ़ियारी टीआई मुकेश खरे, गंज टीआई राजेश तिवारी, खमतराई टीआई आरके दुबे 12-14 मिनट के भीतर अपने निर्धारित स्थल पर पहुचे। बाकी थानेदारों में ज्यादातर को 15 मिनट से ज्यादा वक्त लगा।
सिटी एसपी डा. लाल उमेद सिंह ने बताया कि आईजी वायकेएस ठाकुर और एसपी अमित कुमार के निर्देश पर सारी कवायद यह चेक करने के लिए की गई थी कि अगर कोई बड़ी वारदात हो जाए और थानेदारों को संवेदनशील प्वाइंट पर पहुंचकर नाकेबंदी के निर्देश दिए जाएं, तो वे कितनी देर में पहुंच सकते हैं। सिटी एसपी ने बताया कि इस एक्सरसाइज से यह पता चला है कि हम करीब 15 मिनट के भीतर पूरी राजधानी सील कर सकते हैं। इस टाइमिंग को घटाकर 10 मिनट करने का प्रयास किया जाएगा। सिटी एसपी ने संकेत दिए कि एक दफा ऐसी चेकिंग और की जाएगी।
पुलिस के अफसरों ने रिस्पांस टाइम चेक करने की बात बिलकुल गुप्त रखी थी। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के अलावा सिटी एसपी ही इस बात को जानते थे। दोनों अफसरों ने सबसे पहले प्रत्येक थानाक्षेत्र के संवेदनशील प्वाइंट को चिन्हांकित किया। वहां से थाना की दूरी का आंकलन करने के बाद प्वाइंट देना तय किया। सबसे पहले सिविल लाइंस थानेदार को प्वाइंट दिया गया। उसके बाद एक-एक करके सभी 22 थानेदारों को सूचना दी गई। थानेदारों को किसी घटना या हादसे की खबर नहीं दी गई थी। कंट्रोल रुम से केवल इतना मैसेज प्रसारित किया गया कि आप फलां जगह तुरंत पहुंचकर अगले प्वाइंट का इंतजार करें। थानेदारों को मैसेज प्रसारित करने के बाद नगर पुलिस अधीक्षकों को उनकी जांच करने का प्वाइंट दिया गया। सीएसपी शशिमोहन सिंह, आईएच खान, जीएस बाम्बरा, भुजेंद्र उईके और बीबीएस राजपूत ने थानेदारों की उपस्थिति की जांच की। पुलिस अधीक्षक अपने दफ्तर में बैठकर स्थिति का जायजा ले रहे थे।
दोपहर का समय प्री-प्लान
अफसरों ने दोपहर को रिस्पांस टाइम चेक करने का निर्णय पूरी योजना के साथ चुना था। जानकारों का दावा है कि दोपहर करीब 2 से साढ़े तीन बजे का टाइम ऐसा होता है, जब आमतौर पर पुलिस के आला अफसर झपकी जरुर लेते हैं। वरिष्ठ अफसर भी इस बात से बाखबर हैं। ऐसी दशा में दोपहर का समय इसलिए भी चुना गया कि अधिकारी अगर आराम कर रहे हैं तो उस स्थिति में भी कितनी देर में पहुंच सकेंगे।
9 प्वाइंट से होगी राजधानी सील
शहर में नक्सली वारदातों के अंदेशे से पुलिस ने राजधानी को सील करने के लिए 9 प्वाइंट निर्धारित किए हैं। इन तमाम प्वाइंट पर बेरियर लगाए जाएंगे, ताकि एक सिपाही भी वहां पहुंचकर रास्ता बंद कर सके। अफसरों ने बताया कि धमतरी रोड पर अभनपुर के पास, संतोषीनगर के आगे सेजबहार के समीप, टाटीबंध चौराहे के आगे, महादेवघाट, गुढ़ियारी गोगांव वाले रास्ते पर, बंजारी मंदिर के आगे और पंडरी थाने के पास बेरियर लगाए जाएंगे। इनमें कुछ प्वाइंट पर अभी बेरियर लगे हैं। इसके अलावा करीब दो दर्जन प्वाइंट पर स्टापर लगाकर ट्रैफिक को कंट्रोल करने का फैसला लिया गया है।
30 संदेही गिरफ्त में
थानेदारों को जहां चेक प्वाइंट पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे, वहीं क्राइम स्क्वाड को रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और प्रमुख बाजारों की जांच करने को कहा गया था। स्क्वाड ने टीआई सत्येंद्र पांडे के नेतृत्व में दबिश दी और बस अड्डे पर ही 19 संदेहियों को दबोचा। इनमें ज्यादातर बिहार और यूपी के रहने वाले हैं। उन्होंने बस स्टैंड पर मौजूद रहने की कोई वजह नहीं बताई। राजधानी में आने के बारे में भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
उनसे पूछताछ की जा रही है। रेलवे स्टेशन पर ऐसे ही 9 और मार्केट में 3 संदेही पुलिस के हत्थे चढ़े। बस स्टैंड पर स्क्वाड ने एक ऐसी नाबालिग बालिका को पकड़ा, जो अपने प्रेमी के साथ शादी करने के चक्कर में महासमुंद से यहां भागकर आई थी। बस स्टैंड पर प्रेमी का इंतजार करते समय वह अधिकारियों की निगाह में आ गयी।