कोटा. डाबी रोड से तीन किमी दूर चंबल नदी किनारे बसे डीयर पार्क को बीओटी आधार पर निजी हाथों में सौंपने के नगर निगम के प्रस्ताव पर वन विभाग ने कड़ी
आपत्ति जताई है।
भास्कर ने मंगलवार को यह मामला सबसे पहले उठाया था। इसमें बताया गया कि नगर निगम ने अभयारण्य क्षेत्र के डीयर पार्क को निजी हाथों में देने की तैयारी कर ली है। मामले के खुलासे के बाद वन विभाग हरकत में आया। मंगलवार को सरकारी अवकाश होने से विभाग कोई औपचारिक पत्र नहीं भेज सका।
उपवन संरक्षक अनिल कपूर ने कहा कि नगर निगम को कोई अधिकार नहीं कि वह डीयर पार्क को बीओटी आधार पर संचालन के लिए किसी को सौंपे। यह अभयारण्य क्षेत्र है। इसमें व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन नहीं किया जा सकता। इस संबंध में निगम को पत्र लिखकर एतराज जताया जाएगा। उनका कहना है कि यदि निगम ऐसा करता है तो उसे विभिन्न स्तरों पर इसके लिए पहले मंजूरी लेनी होगी।
उल्लेखनीय है कि वन विभाग ने इससे पहले अभेड़ा महल को लीज पर देने के न्यास के निर्णय का भी विरोध किया था।
क्या है आपत्ति
वन विभाग का कहना है कि अभयारण्य क्षेत्र में वन्यजीवों को दायरे में नहीं बांधा जा सकता।
इनसे लेनी पड़ेगी मंजूरी
इंडियन बोर्ड ऑफ वाइल्ड लाइफ, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, जयपुर, केन्द्रीय जंतुआलय प्राधिकरण।
क्या है योजना
- डीयर पार्क के संबंध में कंसलटैंट की प्राथमिक रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है।
- हर्बल पार्क, कैफेटेरिया, वाच टावर व शेल्टर बनाने का प्रस्ताव।
- बीओटी आधार पर पार्क को निजी हाथों में सौंपने का प्रस्ताव।
- इन बिंदुओं पर चर्चा के बाद संशोधित प्लान बनाने की योजना।
* कंसलटैंट से प्राप्त प्रस्तावित योजना की एक प्रति वन विभाग को भेजकर इस पर उनसे चर्चा की जाएगी।
-भूपेंद्र माथुर अधिशासी अभियंता, कोटा नगर निगम