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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. फिस्कल रिस्पॉन्सिबिलिटीज एंड मैनेजमेंट एक्ट पारित होने के बाद खजाने पर कर्ज का और बोझ बचाने के लिए पंजाब सरकार को राज्य सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का वित्तीय घाटा तीन फीसदी तक लाने के लिए कड़े उपाय करने होंगे। अधिकारी ऐसे कदम उठाने की वकालत कर रहे हैं जबकि वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल राज्य के नॉन प्लान खर्च को घटाना और राजस्व वसूली बढ़ाना चाहते हैं।
..तो माफ हो जाएंगे 900 करोड़ :
मनप्रीत ने बताया कि यदि वित्तीय घाटा तीन फीसदी तक लाया जा सके तो इससे केंद्र सरकार की ओर से 350 करोड़ रुपए मूल और 550 करोड़ रुपए ब्याज के रूप में माफ हो जाएंगे, ऐसा 12वें वित्त कमीशन ने आश्वस्त किया है।
4000 करोड़ चुका रहा है पंजाब : भारी कर्ज से ब्याज का बोझ बढ़ रहा है, इस समय राज्य लगभग चार हजार करोड़ ब्याज व मूल अदा कर रहा है जिसे लंबे समय तक नहीं चलाया जा सकता।
भर्ती पर पाबंदी अभी नहीं हटेगी :
उनका कहना है कि नॉन प्लान को 78 फीसदी से घटाकर 70 फीसदी पर लाना होगा। इसके लिए भर्ती पर पाबंदी अभी नहीं हटाई जाएगी और केवल उन विभागों में जहां कर्मचारियों की वजह से राजस्व वसूली प्रभावित हो रही है या शिक्षा में गिरावट आ रही है वहीं स्टाफ भर्ती किया जाएगा।
नॉन टेक्निकल कर्मियों की भरमार उन्होंने बताया कि बिजली बोर्ड, लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग उन विभागों में शामिल हैं जिनका नॉन प्लान खर्च बहुत ज्यादा है। तकनीकी स्टाफ की जगह नॉन टेक्निकल कर्मियों की भरमार है। आमदनी भी बढ़ानी होगी। स्टांप ड्यूटी को छोड़कर आबकारी, ट्रांसपोर्ट, वैट आदि में वृद्धि हुई है जिसे और बढ़ाया जाएगा।