जालंधर.
मॉडल टाउन का राहुल अपने दोस्तों के साथ दिल्ली घूमने गया। वहां सिनेमा हाल की कुर्सी पर बैठा ही था कि उसे लगा कुछ चुभ रहा है। उसने उठकर देखा तो सीट पर एक निडिल पड़ी थी।
साथ ही एक मैसेज अटैच था..वैलकम टु एचआईवी वल्र्ड। ऐसा ही कुछ सिटी की शीनम के साथ हुआ जब वो दिल्ली में अपनी आंटी के साथ एक कम्युनिटी हाल में प्ले देखने गई थी। अंधेरे के कारण उसने चेयर चैक नहीं की और बैठ गई। उसको भी ऐसा ही गिफ्ट मिला यानी एचआईवी की दुनिया में एंट्री होते-होते रह गई।
ये केस दो मेट्रो सिटीज के हैं, लेकिन दूसरे शहरों से भी इस तरह की खबरें आ रही हैं। दिल्ली में पिछले दो महीने में इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। इस सिरेंज को लैब में चेक कराया गया तो वह एचआईवी इफैक्टेड मिली। साइकोलॉजिस्ट के मुताबिक यह कुछ शरारती लोगों की करतूत है।
जरूरत है अवेयरनैस कीएड्स लाइलाज है और इसका एक ही उपचार है अवेयरनैस। को अवेयर करने के लिए सिटी का यूथ ई-मेल और एसएमएस के जरिए अपने फ्रैंड्स और रिश्तेदारों को अवेयर कर रहा है। इंटरनैट पर कई साइट्स पर इस के बारे में जानकारी दी जा रही है। वहीं ई-मेल के जरिए सिनेमा हाल में एलर्ट रहने की अपील की जा रही है। साथ ही इस तरह की ई-मेल हर किसी को फारवर्ड करने को कहा जा रहा है, ताकि अवेयरनैस चेन टूटने न पाए। एसएमएस से भी कैंपेन की शुरुआत की गई है।
हम हैं तैयार
एमकॉम सैकेंड ईयर की स्टूडैंट ईशा बताती हैं कुछ साल पहले जब हम स्कूल में थे तब भी ऐसी बातें की जाती थी, लेकिन कु छ लोगों के प्रभावित होने के बाद से अब मेरे फ्रैंड्स फेसबुक, आरकुट और ई-मेल के जरिए सबको मैसेज भेज रहे हैं। वहीं एक निजी कंपनी में काम कर रही प्रभजोत के अनुसार ऐसे सीरियस मुद्दे को रेडियो और न्यूज पेपर को भी उठाना चाहिए, ताकि हमारे शहर के लोग सेफ रह सके।
अभी तक सिटी में ऐसा कोई केस नहीं मिला है। एड्स अवेयरनैस के लिए शहर के विभिन्न हॉस्पिटल और कम्युनिटी हाल में हैल्थ चैकअप कैंप लगाए जा रहे हैं। ताकि लोगों को पूरी तरह से एड्स के पंजो से बचाया जा सके। -डा. जेपी सिंह, सिविल सर्जन