नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड एसोसिएशन (आईसीएआई) की बात मान ली तो अगले बजट में टेलर, ढाबों, छोटे रेस्त्रां, लघु इकाइयों और जाब वर्करों को आयकर के दायरे में लाया जा सकता है। आईसीएआई ने बजट पूर्व ज्ञापन- 2008 में सरकार को सलाह दी है कि टैक्स से आमदनी बढ़ानी है तो दायरा बढ़ाए।
आईसीएआई की वेबसाइट के मुताबिक सेक्शन 44एएफ के तहत ऐसी नई सेवाएं या कारोबार लाए जा सकते हैं, जिनकी सालाना आय 40 लाख रुपए से कम हो। इनमें लघु निर्माण इकाई, जाब वर्कर, ढाबा, टेलर, छोटे रेस्त्रां, आटो स्पेयर सेवाएं, साफ्टवेयर एंसिलरी के नाम सुझाए गए हैं।
कर चोरी रोकें : आईसीएआई ने सरकार को कर चोरी रोकने के जो उपाय सुझाए हैं, उन्हें लागू कर दिया जाए तो लोगों के लिए आय छुपाना दूभर हो जाएगा। उसका कहना है-
1. जो लोग वैट और सर्विस टैक्स चुकाते हैं, उनके लिए आयकर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य हो जाए।
2. स्वैच्छिक कर अदायगी का मौका दिया जाए। उसमें ब्याज या दंडात्मक ब्याज लिया जा सकता है।
3. पैन कार्ड व बैंक खाते की जानकारी के आधार पर रिनर्ट का मीलान करना चाहिए।
किससे मांगे जानकारी:
- लिस्टेड कंपनियों से एक लाख रुपए से ज्यादा के शेयर एप्लीकेशन की जानकारी लें।
- अनलिस्टेड कंपनियों में 50,000 रुपए से ज्यादा की एप्लीकेशन की जानकारी मांगे।
- टूर आपरेटर को एक लाख से ज्यादा के भुगतान का ब्योरा लें।
- दस लाख रुपए से ज्यादा के सरकारी टेंडर की जानकारी लें।
- एक लाख रुपए सालाना से ज्यादा शिक्षा शुल्क चुकाने की जानकारी लें।
- बैंक में 5 लाख से ज्यादा डिपाजिट करने वालों की जानकारी लें।
- रोजाना शेयर कारोबार करने वाले डे-ट्रेडर की खरीद-फरोख्त 5 करोड़ रुपए से ज्यादा होने की स्थिति में सूचना खुद ब्रोकर दे।
- ट्रस्ट और संस्थान जब भी एक लाख रुपए से ज्यादा के दान की रसीद दें, उन्हें इसकी जानकारी खुद उपलब्ध करानी चाहिए।
सीए बनेंगे, एमबीए जैसे
चार्टर्ड एकाउंटेंटों को भी अब एमबीए ग्रेजुएट की तरह चाक चौबंद बनाया जाएगा। इसके लिए देशभर में सेंटर आफ एक्सीलेंस खोले जाएंगे। हैदराबाद में ऐसा पहला केंद्र शुरू होगा। वहां सीए को तीन से छह महीने का सघन प्रशिक्षण व्यक्तित्व विकास व अन्य साफ्ट स्किल के लिए दिया जाएगा। अभी देश में 9000 सीए हर साल निकल रहे हैं। देश में मांग 18,000 सीए की हर साल है। कुल 1.47 लाख सीए प्रशिक्षित होने के बावजूद उनमें से केवल 47,000 ही प्रैक्टिस कर रहे हैं।