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बिजली कनेक्शन अवैध तो नहीं

भोपाल. यदि आप किसी कालोनी में नया मकान ले रहे हैं, तो इस बात की तहकीकात भी कर लें कि न केवल घर बल्कि कालोनी की सार्वजनिक प्रकाश व पानी की व्यवस्था के लिए वैध बिजली कनेक्शन लिया गया है। कालोनाइजर द्वारा की गई कोई भी अनियमितता आपको भारी पड़ सकती है। बिजली कनेक्शन कटने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

होशंगाबाद रोड पर रहने वाले राजेंद्र त्यागी बताते हैं कि उन्होंने जब मकान लिया तो बिल्डर ने स्ट्रीट लाइट का इंतजाम करने का वादा किया था। कुछ दिन तक यह लाइट जली भी, लेकिन बिल्डर का काम जैसे ही पूरा हुआ स्ट्रीट लाइट बंद हो गई। दरअसल, सार्वजनिक व्यवस्थाओं के लिए बिल्डर ने बिजली कनेक्शन लिया ही नहीं।

स्ट्रीट लाइट सीधे तार डाल कर चालू की गई थी, इस अवैध कनेक्शन को बिजली कंपनी के अमले ने काट दिया। कोलार रोड पर भी हाल में ऐसा ही एक मामला सामने आया जिसमें कालोनाइजर के हिस्से का बिजली बिल एक स्थानीय रहवासी को भरना पड़ा, क्योंकि बिल्डर ने अस्थायी कनेक्शन उनके नाम से ले रखा था।

बिजली कांट्रेक्टर भी इस बात को स्वीकार करते हैं कि कालोनाइजर पैसे बचाने के लिए ऐसे कई तरीके अपनाते हैं। सार्वजनिक व्यवस्थाओं के कनेक्शन बिल्डर अपने नाम से लेने से कतराते हैं, क्योंकि बाद में इन व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी उनकी नहीं होती।

बिजली ठेकेदारों के अनुसार नियमानुसार कालोनी निर्माण के लिए व्यक्तिगत कनेक्शन नहीं मिल सकता, लेकिन बिजली कर्मचारियों की मिलीभगत से ऐसा हो रहा है। इतना ही नहीं टेंपरेरी कनेक्शन में जानबुझकर खराब मीटर भी लगाए जाते हैं। पानी और स्ट्रीट लाइट के भी कनेक्शनों पर खराब या बंद मीटर पकड़े गए हैं।

>> किसी भी कालोनी में मकान खरीदने से पहले संबंधित बिजली दफ्तर से उसकी तहकीकात कर लें। इस बात का ध्यान रखें कि बिल्डर आपके कागजातों पर आपकी जानकारी के बिना कनेक्शन न ले। स्ट्रीट लाइट और पानी का कनेक्शन उस संस्था के नाम होना चाहिए, जो इसका रखरखाव करती है।
-आरके मिश्रा, अधीक्षण यंत्री, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (भोपाल शहर वृत)





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