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नौ माह में मिलीं 60 लाख की दवाएं

ग्वालियर. जेएएच अस्पताल समूह में दवाओं का संकट शासन के तमाम प्रयासों के बावजूद दूर नहीं हुआ है। जेएएच प्रशासन ने दवाओं के लिए शासन को दो करोड़ चार लाख रुपये का बजट भेजा लेकिन नौ माह में उसे सिर्फ साठ लाख की दवा ही मिल सकी है।

प्रदेश के सभी अस्पतालों में मरीजों को उपयोगी दवा मिले, इसके लिए प्रदेश सरकार ने दवाओं की सेन्ट्रल पर्चेजिंग का आदेश दिया था। इसके तहत अस्पतालों के बजट की अस्सी प्रतिशत राशि की दवा व अन्य उपचार संबंधी सामान की आपूर्ति शासन को करानी होती है।

शासन जयारोग्य चिकित्सालय सहित प्रदेश के सभी पांचों मेडिकल कॉलेजों से संबंधित अस्पतालों, दो मानसिक आरोग्यशाला और एक डेंटल कॉलेज के लिए सात करोड़ में से पिछले नौ माह में सिर्फ एक करोड़ की दवा खरीदकर भेज पाया है।

जेएएच सूत्रों ने बताया कि जयारोग्य अस्पताल समूह का बजट करीब ढाई करोड़ रुपये है। इसमें से सेंट्रल पर्चेजिंग के लिए अस्पताल प्रशासन ने अपने बजट में से दो करोड़ चार लाख रुपये शासन को भेज दिये थे। पैसे भेजने के बावजूद शासन साठ लाख रुपये की दवाओं की सिर्फ एक खेप भेज पाया है, जबकि अब तक आखिरी खेप की दवा भी पहुंच जानी चाहिए।

अस्पताल प्रशासन ने शेष बजट की राशि से स्थानीय स्तर पर दवा खरीदकर काम कुछ दिन काम चलाया, अब वह भी खत्म हो गया है। अस्पताल में दवा नहीं होने के कारण मरीज और उनके अटेण्डर परेशान हो रहे हैं। उनके रोष का सामना अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों को करना पड़ रहा है। जब अस्पताल प्रशासन ने ग्वालियर के वेयरहाउस में दवाओं के लिए सम्पर्क किया तो वहां से जवाब मिला कि दवा उपलब्ध नहीं है।

जेएएच के अधीक्षक डा.पीसी महाजन ने डीएमई डा.वीके सैनी को पत्र लिखकर शेष राशि की दवा शीघ्र भेजने का आग्रह किया है। ज्ञात रहे कि सोमवार को भोपाल में चिकित्सा शिक्षा मंत्री द्वारा ली गई बैठक में यह भी मुद्दा उठा था कि प्रदेश के शासकीय मेडिकल कालेजों से जुड़े अस्पतालों के लिए शासन ने भले ही सात करोड़ का बजट निर्धारित किया हो लेकिन नौ माह में सिर्फ एक करोड़ की दवाइयां ही अस्पतालों में भेजी गई हैं।

>> इस मामले में जीआरएमसी के डीन से बात करें। दवा क्यों नहीं आयी, यह डीन ही बताएंगी।
- डा.गौरीशंकर शेजवार, मंत्री चिकित्सा शिक्षा

>> सेन्ट्रल पर्चेजिंग की दवाएं, दवा सेल के जरिये खरीदी जाती हैं। दवा सेल को करीब तीन माह पहले दवा भेजने के लिए स्वास्थ्य विभाग के संचालक को पत्र लिखा गया था। प्रोसेस में देरी के कारण दवा नहीं आ पाई हैं। दवा आते ही अस्पतालों को भेज दी जाएंगी।
-डा.वीके सैनी, संचालक, चिकित्सा शिक्षा विभाग

>> अस्पताल द्वारा भेजे गये सेंट्रल पर्चेजिंग के बजट की राशि की दवा शीघ्र भेजने के लिए शासन और डीएमई को पत्र लिखा गया है।
- डा.पीसी महाजन, अधीक्षक जेएएच समूह





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