मुंबई.केएन गोविंदाचार्य का कहना है कि विकास के चुनावी बिसात से शुरू हुआ गुजरात का चुनाव अंतत: छवि युद्ध में बदल गया और नरेंद्र मोदी की छवि सोनिया गांधी पर भारी पड़ी। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी का छवि प्रबंधन सोनिया गांधी के मुकाबले बेहतर रहा।
गोविंदाचार्य ने भॉस्कर डॉट कॉम के साथ खास बातचीत में कहा कि गुजरात चुनाव में सभी मुद्दे तो पीछे छूटे ही, पार्टियां भी पीछे छूट गईं। उन्होंने कहा कि गुजरात सर्वाधिक शहरी क्षेत्र है और यहां चुनावी बिसात विकास के मुद्दे पर बिछी थी, लोकिन सोनिया गांधी ने मौत के सौदागर को और नरेंद्र मोदी ने सोहराबुद्दीन के मुद्दे को हवा देकर चुनाव का रुख मोड़ दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में मूल मुद्दा गौण हो गया।
एक सवाल के जवाब में गोविंदाचार्य ने कहा कि यह साल मतदाताओं की चुप्पी और समझदारी का रहा। उन्होंने कहा कि इस एक वर्ष में प्रदेशों में और केंद्र में जो आर्थिक नीति और योजनाएं सामने लाईं गईं वे सभी अमीर-परस्त होने के साथ ही गरीब विरोधी और प्रकृति विरोधी रही हैं।