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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर.
कांग्रेस विधायक दल बस्तर में भ्रष्टाचार के कुछ नए मामले लेकर आया है। सूचना के अधिकार के तहत अब सरकार से जानकारी मांगी जा रही है। जांच दल का दावा है कि उसे भ्रष्टाचार की ही 1500 शिकायतें मिली हैं। नक्सल प्रभावित इलाकों में कई गांव दो साल से खाली हैं, फिर भी इन गांवों का राशन हर माह उठ रहा है।
कांग्रेस विधायकों की जांच समिति के संयोजक सत्यनारायण शर्मा ने आज यहां चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए। उन्होंने कहा कांकेर में जमीन समतल करने के नाम पर करोड़ों रुपयों का खेल हो गया।
रतनजोत की खेती और रोजगार गारंटी जैसी योजनाएं सिर्फ कागजों पर चल रही है। लोगों में सरकार के खिलाफ बेहद नाराजगी है। जांच दल को लोगों ने भ्रष्टाचार के मामलों में 1500 आवेदन दिए हैं।
बताया गया है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में कई गांव दो साल से खाली हैं, फिर भी इन गांवों का राशन सरकारी रिकार्ड में हर माह उठ रहा है। करोड़ों रुपए का राशन कौन खा रहा है, यह पता लगाना है।
जांच दल के अनुसार खाली दर्जनों गांवों के लोग राहत शिविर में रह रहे हैं। सरकार शिविर के लोगों के लिए अलग से राशन दे रही है। छोटे डोंगर व आसपास के इलाके में सरकार हेलिकाप्टर से भोजन के पैकेट गिरवा रही है, जिसे नक्सली खा रहे हैं।
जेल ब्रेक लापरवाही का नतीजा
कांग्रेस विधायकों की जांच समिति ने दंतेवाड़ा जेल की जांच के बाद निष्कर्ष निकाला है कि जेल ब्रेक की घटना के लिए सरकार जिम्मेदार है। जेल दो प्रहरी के ही जिम्मे था और बाकी कर्मचारी आदतन छुट्टी में रहा करते थे। जेल विभाग ने नक्सलियों को रायपुर सेंट्रल जेल भेजने का प्रस्ताव दिया था।
बाद में 102 नक्सली कैदियों की सूची भी बनाई गई जिसमें जेल ब्रेक के मास्टर माइंड का नाम नहीं था। श्री शर्मा ने कहा कि ऐसा क्यों हुआ, सरकार को बताना चाहिए। जांच दल के एक सदस्य ने बताया कि भोपालपट्नम के पास गंभीर मामला सामने आया।
यहां 19 किलोमीटर की एक सड़क को तीन विभागों ने बनाया है। पीडब्लूडी, प्रधानमंत्री सड़क योजना व रोजगार गारंटी योजना से करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं। जांच समिति बस्तर से कल देर रात रायपुर लौटी।
श्री शर्मा के निवास में आज सुबह जांच दल की बैठक हुई जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में सत्यनारायण शर्मा, भूपेश बघेल, मोतीलाल देवागंन, मो. अकबर, डा. शिव कुमार डहरिया व विधायक दल के सचिव अब्दुल हमीद हयात शामिल थे।