जालंधर गुरप्रीत सिंह ने अपने इरादों को अंजाम देने के लिए कम उम्र लड़कों को विदेश भेजने का झांसा देकर मानव बम बनने के लिए तैयार किया था। उसके निशाने पर जालंधर स्टेशन समेत कई महत्वपूर्ण ठिकाने थे। बब्बर खालसा के सरगना वधावा सिंह ने गुरप्रीत को तीन बाबा, दो नेताओं को मारने को कहा था। वधावा ने कहा था एक को मारो और एक करोड़ लो। गुरप्रीत को जेब खर्च के लिए 20 हजार रुपए प्रतिमाह मिलते थे।
हूजी से भी बनाए रिश्ते
जांच के दौरान जांच एजैंसियों को उत्तर प्रदेश और दिल्ली के फोन नंबर भी मिले हैं। एजैंसियों को संदेह है कि गुरप्रीत ने हूजी के साथ भी रिश्ते कायम किए थे। इसके अलावा पुलिस को पांच लोगों की तलाश है और संदेह है कि इन लोगों का समर्थन गुरप्रीत को हासिल था।
लाठीचार्ज का बदला विस्फोट से लिया
डीजीपी औलख ने बताया कि गुरप्रीत को आतंकवादी गतिविधियों के लिए विदेश में बैठा एक व्यक्ति फंड मुहैया करा रहा है। गुरप्रीत ने बताया कि ‘जो बोले सो निहाल’ के प्रदर्शन के दौरान सिखों पर हुए लाठीचार्ज का बदला उसने विस्फोट करके लिया।
दो विस्फोटों की साजिश विफल गुरप्रीत ने गढ़शंकर के गड़ी मनसोवाल में अपने साथियों को बम बनाने और विस्फोट करने की ट्रेनिंग दी थी। उन्होंने डेरा सच्च सौदा के मुखी गुरमीत राम रहीम और आशुतोष महाराज को उड़ाने की योजना बनाई थी, लेकिन वे कामयाब नहीं हो सके।