इंदौर.
गुर्जर आरक्षण की मांग पर राजस्थान में हुए आंदोलन को लेकर वहां की सरकार की भूमिका से आहत समाज ने देशभर में भाजपा के बहिष्कार की घोषणा कर दी। रविवार को इंदौर में हुए राष्ट्रीय अधिवेशन में मप्र व राजस्थान के दो मंत्रियोंरुस्तमसिंह व कालूलाल गुर्जर की मौजूदगी में यह निर्णय हुआ।
समाज के निर्णय से हतप्रभ दोनों मंत्रियों ने बाद में सफाई दी कि बहिष्कार उन सभी दलों का होगा जो समाज को समर्थन नहीं देंगे। संतोष सभागृह में हुए अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के अधिवेशन में देशभर के प्रतिनिधियों के बीच राजस्थान का मुद्दा पूरे समय छाया रहा।
ज्यादातर लोग आरक्षण आंदोलन के दौरान राजस्थान सरकार के रवैये को लेकर खासे आक्रामक नजर आए। उसमें 26 लोगों की मौत के बाद भी कोई परिणाम नहीं निकलने पर सदस्यों ने आपसी फूट को भी निशाना बनाया। खुद की पार्टी खड़ी करने तक की बात हुई। वहीं मौजूद राजस्थान सरकार के मंत्री श्री गुर्जर पर जमकर कटाक्ष किए गए।
हिमाचल व जम्मू-कश्मीर में अधूरे आरक्षण का सवाल भी उठा। समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष पी.के. अन्ना पाटिल ने कहा आरक्षण की मांग को लेकर राजस्थान के आंदोलन में 26 लोग मारे गए लेकिन राजस्थान और मप्र सरकार ने ध्यान नहीं दिया।
अब हम देशभर में भाजपा का बहिष्कार करेंगे और आरक्षण के लिए गांधीजी के रास्ते पर चलकर आंदोलन करेंगे। कांग्रेस और अन्य पार्टियों से हमारी बात चल रही है। जो हमें समर्थन देगा उसका ही साथ देंगे। आपसी फूट के कारण राजस्थान आंदोलन का कोई हल नहीं निकला इसलिए अब पूरा ध्यान संगठन, सहकार और शिक्षा पर रहेगा।
राष्ट्रीय युवा महासभा अध्यक्ष वीरेंद्रसिंह विधुड़ी ने भाजपा के खिलाफ लोगों को जागरूक करने की घोषणा की। साथ में कहा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दिल्ली बैठक के बाद समाज के प्रभाव वाले 14 राज्यों में रथयात्रा निकालेंगे। अधिवेशन में राष्ट्रीय सचिव बच्चूसिंह गुर्जर, युवा महासचिव रामकुमार, धर्मेद्र भगत, इब्राहिम सुल्तान, केसरीसिंह आजाद, इश्फाक रहमान भी मौजूद थे।
सौ साल पुरानी है महासभा
गुर्जर महासभा लगभग सौ साल पुरानी है। देशभर में समाज की आबादी लगभग 10 करोड़ है। देश के 14 राज्यों में समाज की बहुलता है। यूपी व कश्मीर में कई समाजजन धर्म परिवर्तन कर चुके हैं लेकिन समाज से जुड़े हैं।
मंत्रियों ने निकाला बीच का रास्ता
कार्यक्रम में मौजूद दोनों मंत्रियों ने आरक्षण के मुद्दे पर समाज के साथ होने की बात कही लेकिन पार्टी के बहिष्कार की घोषणा को खारिज कर दिया। पंचायतराज मंत्री रूस्तम सिंह ने कहा बहिष्कार उन सभी दलों का होगा जो समाज की मांग का समर्थन नहीं कर रहे हैं। कालूलाल गुर्जर ने कहा राजस्थान सरकार आरक्षण नहीं दे सकती इसका फैसला केंद्र करेगी जिसकी प्रक्रिया बहुत लंबी है।
तीखे तेवर
>> जम्मू-कश्मीर व हिमाचल में समाज को एसटी का दर्जा तो है लेकिन राजनीतिक आरक्षण नहीं। पूरे देश में गुर्जरों को जनजाति का दर्जा दिलाने के लिए लगातार संघर्ष की जरूरत है।
- मोहनलाल वर्मा, राजस्थान
>> शर्म की बात है समाज के आरक्षण का प्रस्ताव करने के बजाय राजस्थान सरकार ने समाज के एक विधायक को छह महीने के लिए मंत्री बना दिया। वे भी इस मुद्दे पर चुप रहे।
- अजरुनसिंह कसाना, राजस्थान गुर्जर परिषद अध्यक्ष
>> जो लोग आरक्षण का लाभ ले रहे हैं उनकी भी समीक्षा हो। मापदंडों पर तो वे भी खरे नहीं उतर सकते।
- गोपीचंद गुर्जर, पूर्व विधायक राजस्थान
>> जो पार्टी खुलकर हमारे समर्थन में नहीं आएगी, उसे वोट भी नहीं देंगे।
- गणोशसिंह गुर्जर, राजस्थान