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सिक्योरिटी वसूली बनी सरकार का सिरदर्द

जालंधरसिक्योरिटी वसूली के मुद्दे पर सिर्फ उद्यमियों को राहत देकर सरकार की मुश्किल कम होने वाली नहीं। नए सप्लाई कोड के तहत वसूली जाने वाली एडवांस सिक्योरिटी के घेरे में राज्य के 50 लाख कमर्शियल और घरेलू उपभोक्ता भी हैं।

2001 से पहले कनैक्शन लेने वाले उपभोक्ता इसके प्रभाव में आएंगे, क्योंकि मई 2001 से पहले प्रति किलोवाट सिक्योरिटी और बिजली के दाम कम थे। 2001 के बाद सिक्योरिटी रिवाईज की गई। पहले जमा सिक्योरिटी की एडजस्टमैंट का प्रावधान होने के बावजूद एडवांस सिक्योरिटी वसूली का असर लोगों पर पड़ेगा।

बिजली बोर्ड घरेलू उपभोक्ताओं से तीन माह का और कमर्शियल व औद्योगिक उपभोक्ताओं से दो महीने का बिल बतौर सिक्योरिटी वसूला जाएगा। सप्लाई कोड के प्रावधान के तहत साल 2008-09 में बोर्ड वसूली करेगा।

खपत से तय होगा प्रभावखपत के मुताबिक उपभोक्ता सिक्योरिटी देगा। घरेलू उपभोक्ताओं के तीन महीने का बिल बतौर सिक्योरिटी बोर्ड अपने पास रखेगा। तीन महीने के बिल से पहले जमा सिक्योरिटी घटाई जाएगी। बची राशि का उपभोक्ता को भुगतान करना होगा।

2 माह का बिल बतौर सिक्योरिटी लिया जाएगा

कमर्शियल और औद्योगिक उपभोक्ताओं से दो महीने का बिल बतौर सिक्योरिटी लिया जाएगा। लाखों रुपए बतौर सिक्योरिटी बनने के बाद उद्यमी इसका विरोध कर रहे हैं।

रैवेन्यू हासिल2006-07 में घरेलू उपभोक्ताओं से बोर्ड ने 1562.42 करोड़ रुपए हासिल किए, कमर्शियल से 733.73 करोड़ और औद्योगिक उपभोक्ताओं से 3778.2 करोड़ रुपए हासिल किए।

सभी कनैक्शनों की सिक्योरिटी का फैसला वापस होफैडरेशन आफ इंडस्ट्रीज एंड ट्रेडर्स एसोसिएशन्ज से प्रधान गुरशरन सिंह ने कहा कि वे सरकार से औद्योगिक कनैक्शनों के साथ घरेलू कनैक्शनों की सिक्योरिटी पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।

उपभोक्ताओं की मौजूदा खपत तय करेगी कि उनको सिक्योरिटी की कितनी राशि देनी पड़ेगी। घरेलू उपभोक्ताओं के तीन महीने के बिल की राशि में से बोर्ड के पास पहली पड़ी सिक्योरिटी की राशि कम कर शेष राशि वसूल की जाएगी।

-के.बी.एस कलेर, एसई, बिजली बोर्ड जालंधर सर्किल।





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