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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर.
अब प्रदेश के सभी वाहना में हाई सिक्यूर्टी नंबर प्लेट लगवाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं। सभी वाहन चालको और मालिकों को अब इसके लिए एक दफा फिर आरटीओ के चक्कर लगाना पड़ेगा।
केंद्र सरकार ने वाहनों में नंबर प्लेट लगाने के लिए नए नियम बना दिए है और इसके हिसाब से बनने वाली नंबर प्लेट को हाई सिक्यूर्टी नंबर प्लेट का नाम दिया है। ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारियों के अनुसार इसे निर्धारित मापदंडों के अनुसार बनवाया जाना है। सभी प्लेटों में अक्षर और अंक को उभारा जाएगा।
इसके लिए विशेष रूप से इंबाशिंग मशीन का उपयोग किया जाएगा और होलोग्राम भी लगाए जाएंगे। प्लेट में पंजीयन क्रमांक व वाहन क्रमांक अलग से लिखा जाएगा। इसकी विशेषता यह है कि इसे निकाला या तोड़ा नहीं जा सकता है।
वाहन के दुर्घटना में बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में भी इसके न टूट पाने का दावा किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश स्तर पर टेंडर जारी किए गए हैं और अभी तक कोई ठेकेदार इस काम के लिए सामने नहीं आया है। इसके चलते अभी तक नई प्लेट के लिए शुल्क भी तय नहीं हो पाया है।
काम को पाने वाले ठेकेदार के लिए यह स्पष्ट निर्देश है कि उसे नंबर प्लेट लगाने का काम आरटीओ कार्यालय में ही करना होगा। यह काम आरटीओ कर्मियों की मौजूदगी में होगा। अधिकारी अभी यह नहीं बता पा रहे हैं कि हाई सिक्यूर्टी नंबर प्लेट का लगाने का काम कब से शुरू हो सकेगा। इतना अवश्य तय है कि सभी वाहनों में यह नंबर प्लेट लगवाना अनिवार्य है।
बदलेंगी 14 से 15 लाख नंबर प्लेट
ट्रांसपोर्ट विभाग के आंकड़ों के अनुसार पूरे प्रदेश में 14 से 15 लाख के बीच पंजीकृत वाहन हैं और इन सभी वाहनों के नंबर बदलवाने होंगे। इस तरह इस नई नंबर प्लेट के जरिए आरटीओ दलाला व आरटीओं कर्मियों को एक नया काम मिल जाएगा।
क्या होगा तरीका
इस नई नंबर प्लेट को लगवाने के लिए आरटीओं के पास एक आवेदन करना होगा और अधिकारी के आदेश जारी करने के बाद आरटीओ आफिस में ही ठेकेदा नंबर प्लेट लगवाएगा। अभी इस तरह की नंबर प्लेट का मिजोरम प्रदेश में अनिवार्य की जा चुकी है।
>> इसके टेंडर निकाले गए हैं। नंबर प्लेट लगाने का काम चालू करने में कुछ विलंब अवश्य हो रहा है। हम इसे जल्द लागू करने का प्रयास कर रहे हैं।
बीएल ध्रुव असिस्टेंट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर