भोपाल. प्रदेश के चिकित्सा अधिकारी दुखी और नाराज हैं। उन्हें यह स्वीकार नहीं कि मेडिकल क्षेत्र से इतर का अधिकारी उनकी मानिटरिंग करे या उन्हें सुबह नौ से शाम चार बजे तक ड्यूटी पर लगाया जाए। आलम यह है कि पदों की कमी तथा काम की अधिकता के चलते अधिकांश डाक्टर खुद ही बीमार हो चुके हैं।
इस आशय की तमाम बातें रविवार को यहां आयोजित चिकित्सा अधिकारियों के राज्य स्तरीय सम्मेलन में सामने आई। मंच पर आए सरकारी डाक्टरों ने स्वास्थ्य मंत्री अजय विश्नोई और चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. गौरीशंकर शेजवार के सामने खुल कर अपनी दिक्कतें गिनरई।
बहरहाल, स्वास्थ्य मंत्री ने डाक्टरों के जख्म पर फाहा रखने के अंदाज में घोषणा की कि अब सरकारी या निजी अस्पताल में हंगामा, मारपीट अथवा तोड़फोड़ करने को गैर जमानती अपराध माना जाएगा।
क्या बोले डाक्टर: मप्र मेडिकल आफिसर्स एसोसिएशन के प्रांत अध्यक्ष डा. ललित श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश के चिकित्सक अस्वस्थ हैं। डाक्टरों के करीब 1800 पद खाली हैं, मगर कोई सरकारी डाक्टर बनना नहीं चाहता। नए डाक्टर आना नहीं चाहते और पुराने डाक्टर यहां रहना नहीं चाहते। डाक्टरों की ड्यूटी का समय सुबह नौ से शाम चार बजे तक करने को अनुचित ठहराया।
डा. श्रीवास्तव ने मांग की कि रोगी कल्याण समिति का अध्यक्ष डाक्टर को बनाया जाना चाहिए। सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों की संविदा नियुक्ति बंद हों, जिससे उनमें व्याप्त अस्थिरता की भावना दूर होगी।
डा. वीना सिन्हा ने कहा कि चिकित्सकों की छवि खलनायक की प्रोजेक्ट की जा रही है, जबकि ऐसा नहीं है। उन्होंने बताया कि महिला चिकित्सक दूरदराज के क्षेत्रों में स्वयं को असुरक्षित महसूस करती हैं। डा. आरके चौरसिया ने कहा कि जो व्यक्ति चिकित्सक नहीं है वह उनकी मानीटरिंग न करे। उन्होंने कहा कि राज्य चिकित्सा सेवा शुरू होना चाहिए। डा. एचएच त्रिवेदी ने कहा कि सरकार डाक्टरों को प्रोत्साहन दे। ऐसे प्रावधान हों, जिससे उनका सम्मान बना रहे।
डा.आनंद शर्मा कहा कि जो यह कहता है कि डाक्टर काम नहीं करते सरासर गलत है। मंत्री के पास शिकायत लेकर वे ही लोग पहुंचते हैं जो काम नहीं करते। डाक्टर कभी वीआईपी की तो कभी अस्पताल में मरीजों की सेवा करता रहता है।
इंटरनेट युक्त होंगे जिला अस्पताल
इस मौके पर श्री विश्नोई ने कहा कि नए साल में प्रत्येक जिला अस्पताल को इंटरनेट युक्त किया जाएगा, जहां 24 घंटे डाक्टर इसका लाभ ले सकते हैं। बीएमओ, सीएमएचओ, सिविल सर्जन का अधिकार क्षेत्र बढ़ाया जाएगा। जो डाक्टर दूर-दराज के क्षेत्रों में कार्यरत हैं, उन्हें डिफिकल्ट एरिया अलाउंस मिलेगा।
उन्होंने घोषणा की कि चिकित्सकों की वरिष्ठता सूची भी जल्द ही जारी की जाएगी। डाक्टरों की ड्यूटी का समय सुबह नौ से चार करने के संबंध में उन्होंने कहा कि छह महीने तक यह व्यवस्था जारी रहेगी और इसके लिए समिति बनाकर समीक्षा की जाएगी।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री गौरीशंकर शेजवार ने कहा कि डाक्टरों को एक होने की जरूरत है। चुटकी लेते हुए कहा कि डाक्टरों पहले ही अपनी मांगों का प्रस्ताव स्वास्थ्य मंत्री को दे दिया और उन्होंने इसे स्वीकार भी कर लिया, यानी यह बैठक पूर्व नियोजित थी। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार मदन मोहन जोशी ने भी विचार व्यक्त किए।