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शराब लायसेंस फीस बढ़ी, पीछे हटे होटल

भोपाल. इस बार नए साल का जश्न कुछ फीका दिखाई देगा, क्योंकि 2008 की अगवानी करने के लिए होने वाले आयोजनों की संख्या में कमी रहेगी। वजह यह कि राज्य शासन ने शराब के एक दिन के अस्थाई लायसेंस की फीस 10 गुना बढ़ा दी। इस कारण कई ढाबे और छोटी होटल के संचालक नए साल के आयोजनों से पीछे हट गए हैं।

आबकारी विभाग सूत्रों के मुताबिक प्रदेश में एक साल में औसतन 25 लाख पेटी शराब की बिक्री होती है। यानि रोजाना लगभग 7000 पेटी अंग्रेजी शराब पी जाती है। 31 दिसंबर को नया साल मनाने वालों की वजह से इस साल सोमवार को 20 हजार पेटी अंग्रेजी शराब बिकने का अनुमान लगाया जा रहा है।

अकेले इंदौर और भोपाल में 31 दिसंबर को 5-5 हजार पेटी अंग्रेजी शराब की बिक्री होने की उम्मीद की जा रही है। जबलपुर और ग्वालियर में भी नए साल के जश्न के दौरान प्रतिदिन की औसत खपत से 40 फीसदी ज्यादा शराब बिकने की संभावना जताई गई है।

>> काफी समय पहले अस्थाई लायसेंस फीस बढ़ाई गई थी। फीस बढ़ाए जाने की अधिसूचना प्रकाशित हो गई थी। नए साल के जश्न के लिए 31 दिसंबर को दिए जाने वाले अस्थाई लायसेंस की संख्या में कमी के बारे मुझे जानकारी नहीं है, लेकिन इन लायसेंस से आबकारी के राजस्व पर असर नहीं पड़ता।
- टी धर्माराव, आबकारी आयुक्त

लायसेंस आवेदनों की संख्या आधी
इस साल अस्थाई लायसेंस की फीस 500 रुपए से बढ़ाकर 5000 रुपए कर दिए जाने से छोटी होटल और ढाबों के संचालकों ने इससे हाथ खींच लिए हैं। सूत्रों के मुताबिक इंदौर में 31 दिसंबर के लिए अभी तक 15 आवेदन आए हैं, जबकि पिछले साल यह संख्या 29 थी।

इसी तरह भोपाल में 31 दिसंबर 2006 के लिए 17 लायसेंस जारी हुए थे, लेकिन इस बार अभी तक 31 दिसंबर 2007 के लिए केवल 12 आवेदन किए गए हैं। सीहोर, रायसेन और बैतूल में 1-1 अस्थाई लायसेंस के आवेदन किए गए हैं, जबकि विदिशा में अभी तक एक भी आवेदन आबकारी विभाग को नहीं किया गया है।

छाया रहेगा सन्नाटा
अस्थाई लायसेंस की फीस 10 गुना बढ़ने की जानकारी छोटी होटल और ढाबा संचालकों को उस समय लगी, जब वे नए साल के आयोजन की तैयारियों को लेकर आबकारी विभाग के दफ्तर पहुंचे।

रातीबड़ रोड स्थित एक ढाबे के संचालक महेंद्र चौरसिया ने बताया कि दो दिन पहले अस्थाई लायसेंस की फीस 500 के स्थान पर 5000 हो जाने का पता चला। बताया जाता है कि इस कारण रातीबड़ और होशंगाबाद रोड स्थित कुछ ढाबों में इस साल नए साल का कोई आयोजन नहीं हो रहा है, जबकि पिछले साल यहां आयोजन हुए थे।





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