जयपुर.
जयपुर में पर्यटन सीजन की धूमधाम के बीच होटल कारोबार पर नजर रखने वाली संस्था एचवीएस इंटरनेशनल की रिपोर्ट है कि वर्ष 2007 में पिछले साल के मुकाबले विदेशी पर्यटकों की आमद 11.7 प्रतिशत तक कम हो गई है।
जानकारों का कहना है कि पिछले दिनों हुए गुर्जर आंदोलन और गंदे पानी से लोगों की मौत होने की खबरों ने विदेशियों को जयपुर के प्रति आशंकित कर दिया है। हालांकि इस साल होटलों में कमरों का किराया 8 प्रतिशत तक बढ़ने से आय 24 प्रतिशत तक बढ़ी है।
होटलों ने किराया बढ़ाया : बड़े मुनाफे के चक्कर में नए साल पर भी बजट क्लास होटलों ने 5 हजार रुपए तक तो लक्जरी होटलों ने 8 हजार तक प्रति कमरा किराया बढ़ा दिया। परिणाम यह हुआ कि 29 दिसंबर तक जाम रहने वाले अधिकांश होटल 31 दिसंबर को कमोबेश खाली हो जाएंगे। कई पर्यटक जयपुर की बजाय उदयपुर, जैसलमेर जाना पसंद कर रहे हैं।
मुंबई गोवा को पीछे छोड़ा : होटल किराये के मामले में जयपुर देश में बंगलौर, हैदराबाद, दिल्ली के बाद चौथा शहर बन गया है। मुंबई और गोवा इसके बाद हैं। शहर में बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों जेम्स-ज्वैलरी, टोंक रोड पर प्रस्तावित कन्वेंशन सेंटर, सेज, इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के बाद शहर में लेजर टूरिस्ट की आवक बढ़ी है। ऐसे पर्यटक अपनी सुविधाओं को देख बजट बढ़ाते हैं। ये लेजर टूरिस्ट एक रात के लिए 30 हजार रुपए खर्च करने की क्षमता रखते हैं।
रामबाग होटल के सेल्स मैनेजर राम राठौड़ का कहना है कि लोगों की संख्या में कमी चिंताजनक है। बजट होटलों की संख्या बढ़ने से भी लक्जरी होटलों के कारोबार पर असर पड़ा है। राज पैलेस होटल के महाप्रबंधक अंगुरर राग ने कहा कि अब जयपुर को सस्ता डेस्टिनेशन समझना भूल होगी।
पर्यटकों के लिए यहां सीमित विकल्स होने से होटलों ने तो दरें बढ़ा दीं, परिणामस्वरूप विदेशी पर्यटक होटलों में बुकिंग से कतरा रहे हैं। इससे जयपुर और यहां तक कि राज्य को लंबे समय तक मिलने वाली मोटी विदेशी आय का नुकसान होगा।