HomeNewsMetrosChandigarh Chandigarh

चंडीगढ़ डायनोमोस सेमीफाइनल में

चंडीगढ़.चंडीगढ़ डायनोमोस ने रविवार को मराठा वारियर्स को 1-0 से हराकर पीएचएल के सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली। इस जीत के साथ डायनोमोस का पांच मैचों में 12 अंक हो गए हैं।

उधर पीएचएल के रविवार के पहले मैच में शेर-ए- जालंधर को बंगलौर हाई-फ्लायर्स के हाथों 2-1 से हार का सामना करना पड़ा। बंगलौर हाई-फ्लायर्स पहले ही सेमीफाइनल में जगह बना चुकी है। सेक्टर-42 के हॉकी स्टेडियम में खेले गए चंडीगढ़ डायनोमोस और मराठा वारियर्स के मैच को देखने काफी संख्या में दर्शक आए।

मैच के पहले क्वार्टर में दोनों टीमें धीमा खेलीं। दूसरे क्वार्टर में दोनों टीमों ने विपक्षी गोल पोस्ट पर कई हमले किए। खेल के 26वें मिनट में चंडीगढ़ के रवि पाल, प्रभजोत सिंह ने बांए छोर से मूव बनाते हुए डी में प्रवेश किया और गेंद सीधे शेर सिंह के आगे लगा दी। शेर सिंह ने गोलकीपर एड्रिन डिसूजा को चकमा देते हुए गेंद को गोल पोस्ट में धकेल कर चंडीगढ़ का खाता खोला।

इसके बाद चंडीगढ़ के जसविंदर सिंह, प्रभजोत, रवि पाल ने कई मूव बनाए, लेकिन टीम कोई लाभ नहीं उठा सकी। हॉफ टाइम तक चंडीगढ़ 1-0 की बढ़त पर रही। तीसरे हॉफ के 37वें और 38वें मिनट में मराठा को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन चंडीगढ़ टीम के गोलकीपर बलजीत सिंह, संदीप सिंह और सुखबीर सिंह गिल की मजबूत दीवार को भेदने में नाकामयाब रहे। वारियर्स से शिवेंद्र सिंह, भरत और धनंजय महादिक ने विपक्षी गोल पोस्ट पर दोनों ओर से हमले किए। 49वें मिनट में मराठा वारियर्स को तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन इस पर भी शिवेंद्र की पुश को अजमेर सिंह सही तरह से नहीं रोक पाए और यह मौका गंवा दिया। इसके बाद दोनों टीमों को गोल करने के कई मौके मिले लेकिन मैच समाप्ति तक दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर पाईं।

अयप्पा ने किया पहला गोल उधर पीएचएल में रविवार को खेले गए पहले मैच में बंगलौर हाई-फ्लायर्स और शेर-ए-जालंधर के मैच में पहला हाफ गोल रहित रहा। तीसरे क्वार्टर के 48वें मिनट में बंगलौर को मिले तीसरे पेनल्टी कॉर्नर पर लैन अय्यपा ने गोल दाग टीम का खाता खोला। इसके बाद मैच के 67वें मिनट में ओलिवर की पास पर यू ह्यू सिक ने बेहतरीन फील्ड गोल करते हुए 2-0 की बढ़त बनाई। जालंधर टीम ने मैच खत्म होने से 1 मिनट पहले बाएं छोर से मूव बनाते हुए विपक्षी गोल पोस्ट पर धावा बोला जिस पर फुलबैक गुरविंदर सिंह ने गोल करने में कोई गलती नहीं की। इस गोल से शेर-ए-जालंधर एकतरफा हार से बच गया। मैच में शेर- ए- जालंधर टीम को 4 पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन वह मौकों का फायदा नहीं उठा सके, जबकि बंगलौर हाई-फ्लायर्स को तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले और वह दो मौकों पर गोल करने में कामयाब रही।

जालंधर पर आउट होने का खतरा

रविवार को दिन के पहले मैच में शेर-ए-जालंधर को बंगलौर हाई-फ्लायर्स से 2-1 की मिली के बाद उसके सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों पर खतरा मंडराने लगा है। लीग मुकाबलों के अंतिम मैच में यदि शेर-ए-जालंधर जीत जाता है या हैदराबाद सुल्तान उड़ीसा स्टीलर्स को बड़े स्कोर से हरा देता है तभी शेर-ए-जालंधर की टीम सेमीफाइनल में प्रवेश कर सकती है। उधर चंडीगढ़ डायनोमोस और बंगलौर हाई-फ्लायर्स पहले ही सेमी फाइनल में जगह बना चुके हैं।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: