यादें 2007 पुरस्कार और सम्मान लेखक- कलाकारों की रचनाधर्मिता को नई ऊर्जा देते हैं। आइए, देखते हैं 2007 में साहित्य और कला-संस्कृति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पुरस्कार और सम्मान किन जाने-माने नामों के नाम रहे..
खुशवंत सिंह
जाने-माने उपन्यासकार और पत्रकार खुशवंत सिंह को इस साल देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से नवाजा गया। अनेक अंग्रेजी और भारतीय भाषा अख़बारों में प्रकाशित होने वाला उनका साप्ताहिक स्तंभ ‘विद मैलिस टवार्डस वन एंड ऑल’ सर्वाधिक पढ़े जाने वाले स्तंभों में शामिल है। अंग्रेजी के साथ पंजाबी और उर्दू पर बराबर पकड़ रखने वाले खुशवंत आला दर्जे के टिप्पणीकार और अनुवादक भी हैं। उनके लेखन में धर्म निरपेक्षता, शांति, भाईचारा और सहिष्णुता का संदेश मिलता है। पूर्व में उन्हें पद्मभूषण, साल के ईमानदार व्यक्ति (सुलभ इंटरनेशनल) और पंजाब रत्न जैसे सम्मान मिल चुके हैं।
जावेद अख़्तर
हिंदुस्तानी जुबान के प्रसिद्ध कवि, शायर, गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख़्तर को 2007 का देश का प्रतिष्ठित पद्मभूषण सम्मान मिला। 1970-80 के दशक में सलीम-जावेद की सुपर हिट जोड़ी के रूप में उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों की पटकथाएं लिखीं। उनके पिता प्रसिद्ध फिल्म गीतकार जां निसार अख़्तर उर्दू के ख़्यात शायरों में शुमार थे, वहीं मां साफिया शिक्षक और लेखिका थीं। अनेक फिल्म पुरस्कारों के अलावा 1999 में उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से भी अलंकृत किया जा चुका है।
गोपालदास नीरज
‘नीरज’ के नाम से लोकप्रिय और अपने अलग अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले प्रख्यात कवि गोपालदास नीरज को इस साल भारत सरकार द्वारा प्रतिष्ठित पद्मभूषण प्रदान किया गया। वे कवि के साथ एक अच्छे लेखक और उतने ही अच्छे प्राध्यापक भी माने जाते हैं। उन्होंने फिल्मों के लिए भी लोकप्रिय गीत लिखे हैं।
विक्रम सेठ
अंग्रेजी के प्रसिद्ध उपन्यासकार, लेखक विक्रम सेठ को भारत सरकार द्वारा 2007 का पद्मश्री सम्मान दिया गया। 1993 में उपन्यास ‘सुटेबल बॉय’ की अपार लोकप्रियता ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय बुलंदियों पर पहुंचाया था। उनकी ताजा चर्चित पुस्तक (नॉन-फिक्शन) 2005 में लिखी ‘टू लाइव्ज’ है। उसी साल मिले प्रवासी भारतीय सम्मान के अलावा वे अनेक विदेशी प्रतिष्ठित पुरस्कार पा चुके हैं।
सोनल मानसिंह
ओडिसी और भरतनाट्यम की जानी-मानी नृत्यांगना कलाकार सोनल मानसिंह को इस साल राष्ट्रीय कालिदास सम्मान मिला। बरसांे से देसी-विदेशी शिष्यों को शास्त्रीय नृत्यों के गुर सिखा रहीं सोनल दुनिया के 80 से अधिक देशों में अपनी कला-प्रस्तुतियां दे चुकी हैं।
पी साईनाथ
जाने-माने पत्रकार पी साईनाथ को पत्रकारिता, साहित्य और रचनात्मक संचार के लिए एशिया का नोबेल पुरस्कार कहा जाने वाला 2007 का मैगसेसे अवार्ड मिला। वे लंबे समय से सामाजिक, ग्रामीण समस्याओं और ग़रीबी जैसे मुद्दों पर मुखर रहे हैं। पिछले 14 सालों से उन्होंने साल के 250-300 दिन ग्रामीण क्षेत्रों में ही गुजारे हैं। अपने 26 साल के पत्रकारिता जीवन में ़वे 30 के करीब राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके हैं।
साहित्य का नोबेल 2007 के लिए साहित्य की दुनिया का सर्वोच्च नोबेल पुरस्कार लेखिका डोरिस लेसिंग को देने की घोषणा की गई है। नारीवादी लेखिका डोरिस जिम्बाब्वे में पली-बढ़ीं हैं। एकाकी और नारकीय बचपन बिताने वाली डोरिस ने दस साल की उम्र में ही एक एकांकी लिख दिया था। वे साहित्य का नोबेल पाने वाली 11वीं महिला हैं। खास यह कि नारीवादी छवि के बावजूद डोरिस यह भी कहती हैं कि पुरुषों की विवेकहीन आलोचना और उनसे व्यर्थ घृणा ठीक नहीं है। वहीं वे महिलाओं में मौजूद दोषों को भी स्वीकारने में नहीं हिचकतीं। वर्तमान में 88 साल की उम्र में भी वे तन और मन दोनों तरह से स्वस्थ व सक्रिय हैं।