bhaskar Web English
HomeNewsNational National

आपसी रजामंदी से तलाक ले सकते हैं मुस्लिम दंपती

चेन्नई. अन्य मजहबों की तरह मुस्लिम दंपती भी आपसी रजामंदी से तलाक ले सकते हैं। यह टिप्पणी करते हुए यहां के फैमिली कोर्ट ने इस आधार पर एक दंपती की तलाक की अर्जी मंजूर कर ली कि वे साथ नहीं रह सकते और अल्लाह की मर्जी के मुताबिक वैवाहिक दायित्व पूरा नहीं कर सकते।

जज पी देवदास ने फैसला देने से पहले जानना चाहा कि क्या इस्लामी कानून में आपसी रजामंदी से निकाह खत्म करने का कोई प्रावधान है। कोर्ट ने इस सवाल पर भी विचार किया कि क्या विशेष विवाह एक्ट, 1954 के तहत हिंदुओं, पारसियों और ईसाइयों के लिए उपलब्ध यह प्रावधान मुस्लिमों पर भी लागू होता है?

कोर्ट ने फैसले में कहा कि पवित्र कुरान की आयतों, पैगंबर मुहम्मद साहब की शिक्षाओं, इस्लामी विद्वानों की राय और कोर्ट के पिछले फैसलों के मुताबिक 14 सदी पहले भी इस्लाम ऐसे बेमानी निकाहों को आपसी रजामंदी से खत्म करने की इजाजत देता था।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: