कोलकाता. तीसरे मोर्चे के गठन को लेकर माकपा के शीर्ष नेतृत्व के बीच मतभेद पैदा हो गए हैं। पार्टी के शिखर पुरुष ज्योति बसु ने मंगलवार को उस तीसरे मोर्चे की संभावना को खारिज कर दिया जिसकी बात चार दिन पहले पार्टी के महासचिव प्रकाश करात ने चंडीगढ़ में की थी।
माकपा के राज्य सचिव मंडल की बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए बसु ने कहा कि भाजपा की लगातार बढ़त और चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन से देश में राजनीतिक स्थिति पेचीदा हो गई है। इसके चलते हम कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार को समर्थन देने के लिए विवश हैं। उन्होंने कहा कि वे फिलहाल तीसरे मोर्चे के गठन की कोई संभावना नहीं देखते।
क्या कहा था करात ने : चंडीगढ़ में 28 दिसंबर को पार्टी की एक रैली को संबोधित करते हुए करात ने कहा था कि हम जल्द ही एक ऐसा मंच बनाने जा रहे हैं जो कांग्रेस और भाजपा के मुकाबले तीसरे विकल्प के रूप में काम करेगा। करात ने तीसरे मोर्चे की वकालत करते हुए कहा कि इसके गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।