भोपाल. शाहपुरा, होशंगाबाद रोड और शक्ति नगर क्षेत्र में रहने वाले लोग बिजली बिल जमा करने में सबसे ईमानदार हैं। इस क्षेत्र में बिजली की चोरी भी सबसे कम है। यही वजह है कि पिछले तीन महीने से यहां हर महीने प्रति यूनिट वसूली तीन रुपए 60 पैसे तक हो रही है।
विद्युत वितरण कंपनी इन दिनों हर यूनिट बिजली का हिसाब जुटा रही है। कंपनी ने लगभग एक साल से चोरी के खिलाफ भी अभियान चला रखा है। इसके सबसे अच्छे परिणाम कंपनी के शहर संभाग पश्चिम में देखने को मिल रहे हैं।
वितरण कंपनी से मिली जानकारी के अनुसार पश्चिम जोन से पिछले तीन महीनों से प्रति यूनिट औसत वसूली 3.60 हो रही है। तीन महीने पहले यह आंकड़ा तीन रुपए के आसपास था। पश्चिम जोन में शाहपुरा, बावड़ियां कला, बागमुगालिया, होशंगाबाद रोड, रचना नगर, गौतम नगर, बरखेड़ा पठानी और अलकापुरी आदि शामिल हैं।
शहर के अन्य इलाकों की बात करें तो दक्षिण जोन में तीन महीनों में औसत वसूली 2.83 रुपए है, जो पहले के मुकाबले बीस पैसे अधिक है। पुराने भोपाल के उत्तर जोन में औसत वसूली में भी 20 पैसे का सुधार आया है। यहां अब औसत वसूली 2.20 पर पहुंच गई है।
पूर्वी क्षेत्र में वसूली सबसे कम 1.89 पैसे है, हांलाकि पहले के मुकाबले इसमें भी सुधार है। उल्लेखनीय है कि देश भर की विद्युत वितरण कंपनियों की क्षमता अब प्रति यूनिट औसत वसूली के आधार पर ही तय होती है।
तकनीकी हानि में भी कमी
एआरपीयू बढ़ने के साथ बिजली की तकनीकी हानि में भी कमी आ रही है। राजधानी में पिछले साल तकनीकी हानि का प्रतिशत 45 था, जो अब घट कर 39 पर आ गया है। अधिकारियों के अनुसार मार्च तक इसे 35 तक ले आएंगे।
नुकसान घट कर 49 पैसे हुआ
अधिकारियों के अनुसार औद्योगिक, व्यावसायिक व रहवासी क्षेत्रों में बिजली की दर का औसत लगभग साढ़े तीन रुपए प्रति यूनिट होता है। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी को प्रति यूनिट सत्तर पैसे का नुकासन हुआ। इस साल सितंबर में कंपनी ने औसत 2 रुपए 85 पैसे वसूले. जिससे नुकसान घट कर पैसठ पैसे हो गया। दिसंबर में 3.01 पैसे प्रति यूनिट की वसूली से यह घाटा कम होकर 49 पैसे पर आ गया।
>> राजधानी में एआरपीयू तेजी से बढ़ रहा है। यह मैदानी अधिकारियों की मेहनत और टीम वर्क का नतीजा है।
पीके मिश्रा, अधीक्षण यंत्री (भोपाल शहर) विद्युत वितरण कंपनी