भोपाल. राजधानी की भेल की ओर रहने वाली पांच लाख की आबादी को तीन किलोमीटर का चक्कर लगाकर हबीबगंज स्टेशन पर पहुंचने की समस्या से शीघ्र ही निजात मिलने वाली है। यह संभव होगा पूर्वी ओर से शुरू होने वाली सेकंड एंट्री से, जिसकी शुरुआत 31 मार्च तक होनी है।
इसके तहत पूर्वी ओर वाहनों की पार्किग की व्यवस्था, सामान्य दर्जे के यात्रा टिकटों की बिक्री और प्लेटफार्म टिकट बेचे जाने के लिए बुकिंग विंडो खोली जानी है। इससे यात्रियों की वर्षो पुरानी मांग पूरी हो जाएगी।
गौरतलब है कि हबीबगंज स्टेशन के विकास कार्यो का शुभारंभ 26 सितंबर 2003 को तत्कालीन रेल राज्य मंत्री बसन गौड़ा आर पाटील ने किया था। इसके बाद रेलवे बोर्ड से धनराशि न मिलने की वजह से विकास कार्य रुके पड़े थे। अब पांच करोड़ रुपए की लागत से हबीबगंज स्टेशन पर लंबित पड़े इन कार्यो को पूरा किया जा रहा है।
रेलवे ने हबीबगंज स्टेशन पर पूर्वी छोर में जून के महीने में लंबित कार्य निपटान करने का लक्ष्य रखा है। मौजूदा स्थिति में भेल की ओर रहने वाले लोगों को टिकट लेने एवं प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंचने के लिए चेतक ब्रिज या हबीबगंज नाके से चक्कर लगाकर जाना होता है।
इन कालोनियों को लाभ
भेल टाउनशिप के अलावा शक्ति नगर, साकेत नगर, होशंगाबाद रोड की कालोनियों, अयोध्या नगर, राजीव नगर, इंद्रपुरी, सोनागिरी, अशोका गार्डन, गोविंद गार्डन, पठानी बरखेड़ा, नरेला शंकरी, पराड़िया काछी, रत्नागिरि और भारत नगर समेत भेल की सीमा से लगी कालोनियां।
क्या होगा लाभ
होशंगाबाद रोड पर हबीबगंज स्टेशन के समीप वाहनों की पार्किग से मुख्य रोड पर निकासी होती है। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 12 पर सड़क यातायात अवरुद्ध होता है। सेकंड एंट्री शुरू होने से वाहनों की संख्या में कमी होगी।
प्लेटफार्म टिकट और सामान्य दर्जे के टिकट पूर्वी छोर के बुकिंग विंडो पर मिल जाएंगे।
यात्रियों को हबीबगंज स्टेशन पर पहुंचने के लिए तीन किलोमीटर का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा।
भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखकर खाली स्थान में वेटिंग रूम या हाल भी बनाया जा सकता है, जिससे यात्रियों को बरसात और गर्मी में राहत मिल सकेगी।
>> हबीबगंज स्टेशन पर भेल की तरफ पूर्वी छोर से सेकंड एंट्री मार्च तक शुरू कर दी जाएगी। साथ ही अन्य विकास कार्यो को जून तक पूरा करने का लक्ष्य है।
अशोक कुमार अग्रवाल, मंडल रेल प्रबंधक, भोपाल