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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर.
दूसरे राज्यों से सब्जियों की आवक कम हो रही है। इसके अलावा रायपुर के आसपास के क्षेत्र में सब्जी की पैदावार भी काफी कम हो रही है। मांग की तुलना में आवक कम होने के कारण कई सब्जियों की कीमत 20 से 25 फीसदी अधिक हो गई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि अब सब्जियों की कीमतें कम होने की संभावना नहीं है। सब्जी व्यापारियों के अनुसार जनवरी के दूसरे सप्ताह से कीमतें और बढ़ेंगी।
आमतौर पर यह सब्जियों का अच्छा सीजन कहलाता है और सालभर की तुलना में इस समय कीमतें कम रहती हैं लेकिन इस साल ऐसा नहीं हो पाया। टमाटर के रेट जनवरी में अमूमन दो से तीन रूपए रहते हैं, वह अभी छह से आठ रुपए किलो बिक रहा है। इसी तरह गाजर, मटर, फूलगोभी आदि सब्जियां भी सामान्य से कुछ अधिक महंगी हैं। इस साल अत्यधिक बारिश से पूरी फसल को नुकसान पहुंचा है।
जुलाई-अगस्त में अत्यधिक बारिश के कारण अनेक बाड़ियां जलमग्न हो गई थीं। इससे फसल चौपट हो गई। माल की सार्टेज और कीमतों के ज्यादा होने की एक बड़ी वजह इसे ही माना जा रहा है। आमतौर पर छत्तीसगढ़ में लगभग 25 ट्रक सब्जियों का कारोबार रोज का होता है। इस दौरान नासिक, दिशावर, महाराष्ट्र, दिल्ली, कश्मीर आदि जगहों से सब्जियां आती हैं। बड़ी मात्रा में सबिज्यां बाहर भी भेजी जाती है।
पकने के लिए ठंड नाकाफी
शास्त्री बाजार थोक व्यापारी संघ के ट्रेजरर टी श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि आमतौर पर इस सीजन में सब्जियों को पकने के लिए पर्याप्त ठंड की जरूरत होती है। इसके मुकाबले ठंड काफी कम रही। इस वजह से फसल ठीक से पक नहीं पाई है। आसपास की बाड़ियों से काफी सब्जियों की मांग पूरी हो जाती है, लेकिन इस साल यह कमी साफ दिख रही है।