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Chhattisgarh
Raipur Raipur डोंगरगांव. प्रदेश के दौरे पर निकले मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह मंगलवार दोपहर 3 बजे अचानक हेलिकाप्टर में अपने विधानसभा के गांव मारगांव पहुंचे। सीएम को देख गांव के लोग हैरान रह गए। भगदड़ जैसे हालात में कुछ लोगों ने गांव के सार्वजनिक मंच को साफ कर फर्श पर ही सीएम के बैठने की व्यवस्था की।
गांव में करीब एक घंटा रहे मुख्यमंत्री ने कई मांगों को स्पाट पर ही मंजूर कर दिया। मुख्यमंत्री मंगलवार को दुर्ग के ग्राम खेदामारा भी गए। वहां उन्होंने सीएसईबी के लोड डिस्पैच सेंटर का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री के दौरे की सूचना जिले के कलेक्टर संजय गर्ग, एसपी विनोद कुमार चौबे को भी नहीं थी। गांव में मुख्यमंत्री का हेलिकाप्टर गांव में लैंड होने के आधे घंटे बाद वे वहां पहुंच पाए। कोई नेता या जनप्रतिनिधि गांव में नहीं पहुंच पाया।
सीएम ने ग्रामीणों से सीधे चर्चा की और समस्याओं को जाना। खबर मिलते ही मारगांव के आश्रित ग्राम गिरगांव के लोग भी दौड़ते-भागते आ गए। ग्रामीणों ने स्कूल में बाउंड्रीवाल, चौक निर्माण, नहर मरम्मत जैसी मांगें रखीं, जिसे मुख्यमंत्री ने तुरंत मंजूर कर दिया।
इसी बीच कुछ ग्रामीणों ने गांव के पास बन रही नहर की गुणवत्ता की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने तुरंत सिंचाई विभाग के अफसरों को तलब किया। आधे घंटे से ज्यादा चली तलाश के बाद भी सिंचाई विभाग का कोई अफसर नहीं मिला। नाराजगी जताते हुए सीएम ने ग्रामीणों से वादा किया कि वह राजधानी पहुंचकर कार्रवाई करेंगे।
डा. रमन सिंह के साथ राज्य शासन के प्रमुख सचिव विवेक ढांड, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी विक्रम सिसोदिया ही थे। मुख्यमंत्री इस इलाके के विधायक भी हैं। डा. सिंह अपने साथ मिठाई और चाकलेट भी लेकर पहुंचे थे, जिसे उन्होंने ग्रामीणों और बच्चों को बांटा। दुर्ग जिले के खेदामारा पहुंचे मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रिकल लोड डिस्पैच सेंटर का निरीक्षण किया।
वे सीधे डिस्पैच सेंटर के कंप्यूटर रूम में गए और वहां उपस्थित अधिकारियों से बिजली की मांग, सप्लाई की जानकारी ली। चीफ इंजीनियर जीएम गौतम, एसई एसके मेहता ने मुख्यमंत्री को प्रोजेक्टर के माध्यम से डिस्पैच सेंटर के बारे में पूरी जानकारी दी।