नई दिल्ली. जुलाई-सितंबर 2007 के बीच विज्ञापनों के जरिए कथित रूप से गलत तथ्यों का इस्तेमाल करने वाली नामचीन कंपनियों, हिंदुस्तान यूनिलीवर, हेंकेल इंडिया और प्रॉक्टर एंड गैंबल, ने एडवरटाइजिंग स्टैंडर्ड काउंसिल ऑफ इंडिया की डांट खाने के बाद अपने विज्ञापनों को सुधार लिया है।
इस समय में कथित गलत विज्ञापन दिखाने वाली ये तीनों नामचीन कंपनियां उन 11 कंपनियों में हैं जिनके खिलाफ एएससीआई की कंज्यूमर कंपलेंट्स काउंसिल में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इन तीनों कंपनियों ने अपने विज्ञापनों में से गलत तथ्यों को हटा दिया है।
इनके अलावा जिन एफएमसीजी कंपनियों के खिलाफ इस अवधि में इस तरह की शिकायतें मिली थीं उनमें यूनाइटेड स्प्रिट्स, कोका कोला इंडिया, परफैट वैन मेल, महिंद्रा रिनॉल्ट, केबीएम मार्केटिंग और राजवंश क्लीनिक शामिल हैं।
ये थे वे आपत्तिजनक विज्ञापन :
1. हिंदुस्तान यूनिलीवर का विम डिश वॉश का विज्ञापन। इसमें वॉइसओवर के साथ दिखाया जा रहा था कि एक बूंद ही काफी है। शिकायत के मुताबिक विज्ञापनकर्ता को इसका सबूत देने को कहा गया था। विज्ञापनकर्ता द्वारा दी गई रिपोर्ट का विज्ञापन में उल्लेख न किए जाने के कारण क्लीनजिंग प्रोटोकॉल के मुताबिक इसे गलत तथ्यों वाला विज्ञापन करार दिया गया जिसमें कंपनी को सुधार करना पड़ा।
2. हेंकेल इंडिया के उत्पाद प्रिल के विज्ञापन में भी इसी तरह का दावा करते हुए कहा गया था कि इसकी एक बूंद किसी भी बार से बेहतर तरीके से ग्रीस की सफाई कर सकती है। सीसीसी के अनुसार इस विज्ञापन के दावे के हिसाब से तथ्यों को सही नहीं पाया गया।
3. प्रॉक्टर एंड गैंबल कंपनी के उत्पाद टाइड के विज्ञापन में दावा किया गया था कि एक चम्मच पाउडर एक बाल्टी भर कपड़े धोने के लिए काफी है। शिकायत के मुताबिक इस प्रोडक्ट के पैक पर ही एक स्कूप लिखा है जो टीवी के विज्ञापन से विरोधाभासी है।