अमृतसरराजासांसी एयरपोर्ट पर यात्रियों को 2008 में नई सुविधाओं का तोहफा मिलेगा। इसके विस्तार के लिए दो साल पहले शुरू किए गए कार्य 2008 में पूरे होने की संभावना है।इससे एयरपोर्ट का नक्शा भी काफी हद तक बदल जाएगा। विदेशों में बने एयरपोर्ट की तर्ज पर राजासांसी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग भी जल्दी ही नवीनतम तकनीक से लैस नजर आएगी।
पूरी बिल्ंिडग शीशे की होगी और इसमें अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के स्तर की सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। फेज वन में 2006 तक इसका विस्तार साढ़े 17 हजार स्क्वेयर मीटर तक किया गया था। दूसरे फेज के विस्तार के तहत इसकी ऊंचाई ढाई मंजिल तक की जाएगी।
ये सुविधाएं मिलेंगी
सेंट्रल एयरकंडीशनर इस बिल्ंिडग में यात्रियों के सामान के लिए माडर्न कन्वेयर बैल्ट सिस्टम के अलावा 2 ग्लास कैप्सूल लिफ्ट, क्लोज सर्किट कैमरे, फ्लाइट इन्फॉर्मेशन डिस्प्ले सिस्टम, कस्टम और इमिग्रेशन काउंटर, बड़ी ड्यूटी फ्री शॉप और नेचुरल लाइट का पूरा प्रबंध होगा। बिल्डिंग की पीक ऑवर कैपेसिटी एक हजार यात्रियों के लगभग होगी।
इसकी सालाना कैपेसिटी 20 लाख पैसेंजर हैंडल करने की होगी। बिल्ंिडग की छत स्पेशल प्रोफाइल की होगी। इसमें चार एरो ब्रिज बनाए जाएंगे। इससे यात्री सीधे जहाज से इस बिल्डिंग में प्रवेश कर सकेंगे। कोहरे और रात के समय जहाजों की सुविधाजनक लैंडिग के लिए आधुनिक सिस्टम कैट-2 एप्रोच लाइट भी इस वर्ष एयरपोर्ट पर स्थापित किया जाएगा।
रन-वे पर लगी एप्रोच लाइट जहाज के पायलट को रास्ता दिखाती है कि उसे किस एंगल पर जहाज को लैंड करना है। देश के सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर एप्रोच-2 लाइटों का इंतजाम है, जबकि दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इससे भी लेटस्ट एप्रोच-3 कैटेगरी की लाइटें लगाई गई हैं।
बढ़ेगी रन-वे की लंबाई
नए साल में रन-वे की लंबाई 12 हजार फीट की जाएगी। इससे यहां जंबो जेट जैसे जहाज आसानी से लैंड कर सकेंगे, अभी रन-वे की लंबाई 11 हजार फीट है। अभी तक यहां बोइंग-777 जिसमें 300 से 325 यात्री और एयरबस-330 जैसे जहाज जिनकी क्षमता 330 यात्रियों तक की है, लैंड कर सकते हैं।
2008 में हवाई अड्डा उन तमाम सुविधाओं से लैस होगा जो किसी भी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर होती है। अथारिटी इस काम को पूरा करने के लिए दिन रात लगी हुई है।
-अरुण तलवाड़, डायरैक्टर, एयरपोर्ट