अहमदाबाद/ नैरोबी/ नई दिल्ली. केन्या में राष्ट्रपति के विवादास्पद चुनाव के बाद भड़की हिंसा में अब तक करीब 300 लोगों की मौत हो गई है। इस हिंसा में सैकड़ों गुजराती व्यापारी फंसे हैं। मंगलवार को उपद्रवियों ने एक चर्च में 50 लोगों को जिंदा जला दिया था, जिनमें ज्यादातर बच्चे थे। हिंसाग्रस्त क्षेत्रों से करीब 70 हजार लोग पलायन कर चुके हैं। इस बीच सरकारी सूत्रों ने बुधवार को राजधानी नैरोबी में हालत सामान्य होने का दावा किया है।
गौरतलब है कि हाल ही में हुए चुनावों में मवाई किबाकी को दोबारा राष्ट्रपति घोषित किया गया है। विपक्षी नेता रायला ओडिंगा ने चुनावों में धांधली का आरोप लगाकर 30 दिसंबर के चुनाव नतीजों को अस्वीकार कर दिया था। इसके बाद से ही केन्या में हिंसा जारी है। नैरोबी, किसुमु और नकुरू शहर हिंसा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
प्रसारण पर रोक :
हिंसाग्रस्त किसुमु में एक ऑटो पार्ट्स कंपनी के मालिक कांति रबाड़िया ने डीएनए को बताया कि सरकार ने सभी टीवी चैनलों के प्रसारण पर रोक लगा दी है। सड़कों पर सुरक्षा बलों के जवान भारी संख्या में तैनात हैं। उन्होंने कहा, ‘हम पिछले पांच दिनों से अपने घर नहीं जा सके हैं। भगवान ही जानता है कि हम दोबारा कब अपने काम पर लौट पाएंगे।’
गुजरातियों पर हमला :
रबाड़िया ने बताया कि दंगाइयों ने गुजराती मूल के लोगों के कार्यालयों और फैक्ट्रियों में लूटपाट की है। दंगाइयों ने उनके घरों पर भी हमले किए हैं। केन्या को 1963 में मिली आजादी के बाद पहली बार वहां इतनी व्यापक हिंसा हुई है। नैरोबी में 1998 की हिंसा में कई गुजरातियों ने वहां के स्वामी नारायण मंदिर में शरण ली थी, लेकिन दंगाइयों ने उसे भी आग के हवाले कर दिया था। उन्होंने कहा, ‘हमें 1998 की घटना दोहराए जाने का डर है। यदि सुरक्षा बलों ने एक-दो दिन में स्थिति पर काबू नहीं पाया तो मंदिर में शरण लिए 400 गुजरातियों की जान को खतरा हो सकता है।’
सुरक्षा का आश्वासन :
विदेश राज्यमंत्री आनंद शर्मा ने बुधवार को नई दिल्ली में कहा कि केन्या में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों की सुरक्षा के समुचित प्रबंध किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर गुजराती मूल के व्यवसायियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त प्रबंध करने का आग्रह किया था।
हालत सुधरने का दावा :
सरकारी सूत्रों ने राजधानी नैरोबी पर जनजीवन सामान्य होने का दावा किया है। सूत्रों के मुताबिक, राजधानी के सिटी सेंटर समेत कई सुपरमार्केट और बैंकों में आम दिनों की तरह कामकाज हुआ। सड़कों पर भी यातायात बहाल होने की खबर है।
अमेरिकी अपील :
राष्ट्रपति किबाकी की सरकार ने हिंसा के लिए अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी ओडिंगा को जिम्मेदार ठहराया है। अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडोलीजा राइस और ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड मिलीबैंड ने एक संयुक्त बयान जारी कर केन्या के नेताओं से शांति बहाली के प्रयास करने की अपील की है।