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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर.
सेंट्रल एक्साइज ने 15 करोड़ रुपए के माइल्ड स्टील को बांग्लादेश एक्सपोर्ट करने के लिए टैक्स में रियायत दी थी, लेकिन राजधानी के लोहा कारोबारी ने लोहा यहीं बेचकर टैक्स की अफरातफरी कर दी। सेंट्रल एक्साइज एंड कस्टम अथारिटी ने राजधानी में लोहा एक्सपोर्ट-इंपोर्ट में करीब सवा 2 करोड़ रुपए की धांधली पकड़ी है।सेंट्रल एक्साइज पुलिस ने इस हेराफेरी में यहां के लोहा व्यापारी कैलाश अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया।
उन्हें विभाग ने ही हिरासत में रखा है।सेंट्रल एक्साइज ने शुक्रवार को कैलाश अग्रवाल को जिला मजिस्ट्रेट को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की, लेकिन शाम हो जाने की वजह से अदालत ने न्यायिक रिमांड नहीं दी। इस वजह से वे एक्साइज पुलिस की ही कस्टडी में हैं और शनिवार को अदालत के सुपुर्द किए जाएंगे।
सेंट्रल एक्साइज एंड कस्टम्स, छत्तीसगढ़ रीजन के कमिश्नर वीके गोयल ने बताया कि आरोपी का लोहे के एक्सपोर्ट-इंपोर्ट का कारोबार है। उन्होंने 2005 में तकरीबन 15 करोड़ का माइल्ड स्टील इंगट बांग्लादेश को निर्यात करने के लिए कस्टम ड्यूटी में छूट मांगी। यह लोहा रायगढ़ की विभिन्न फैक्ट्रियों से खरीदना दर्शाया गया। विभाग ने कस्टम ड्यूटी में इस आधार पर रियायत दे दी।
अफसरों ने बताया कि विभाग के नियमानुसार कारोबारी को छह महीने के भीतर एक्सपोर्ट का प्रमाणपत्र जमा करना था। फर्म ने समय बीतने के बाद भी प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया। विभाग ने बार-बार नोटिस जारी की, लेकिन वह बहाना बनाता रहा। सेंट्रल एक्साइज ने गुरुवार को एमजी रोड स्थित रिषभ कांप्लेक्स में स्थित बालाजी इपेक्स में छापा मारा। छापे से वहां हड़कंप मच गया।
अधिकारियों ने रातभर दस्तावेजों की जांच की। जांच आज पूरी हुई। जांच में सिद्ध हो गया कि माइल्ड इंगट रायगढ़ से खरीदा तो गया, लेकिन एक्सपोर्ट करने के बजाए लोकल बाजार में बेच दिया।
इस साल चौथा मामला
सेंट्रल एक्साइज की चोरी के मामले छत्तीसगढ़ में बढ़ने लगे हैं। अफसरों ने बताया कि राज्य बनने से पहले तक दो-तीन साल में एकाध मामला ही पकड़ में आता था। लेकिन हालात तेजी से बदल रहे हैं। इस साल में सीएसटी की टीमें छापेमारी की चार कार्रवाइयां कर चुकी हैं। भारी भरकम टैक्स चोरी तो पकड़ी ही गई गई, चार लोग गिरफ्तार भी किए जा चुके हैं।
साथी की तलाश
विभाग ने नियमानुसार 16 प्रतिशत की दर से 2.15 करोड़ रुपए टैक्स जमा करने के निर्देश दिए। व्यापारी ने टैक्स देने से इंकार कर दिया, इसलिए व्यापारी को हिरासत में ले लिया गया। कैलाश अग्रवाल के साथी की तलाश जारी है। उसका आफिस मुंबई में बताया जाता है।उस पर भी कस्टम ड्यूटी चोरी का मामला बना है।
अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार फारेन करेंसी हासिल करने एक्सपोर्ट को बढ़ावा देती है। इसके तहत एक्सपोर्ट करने पर कोई ड्यूटी नहीं ली जाती। लेकिन इसका विधिवत प्रमाणपत्र जमा करना होता है।व्यापारी इसी ढील का फायदा उठाकर हेराफेरी कर रहे हैं।