जयपुर/दिल्ली. भाजपा के नए प्रदेशाध्यक्ष ओम माथुर की नियुक्ति को रोकने की कोशिशों में मुख्यमंत्री खेमा शुक्रवार को भी विफल रहा। शुक्रवार दोपहर राजनाथसिंह के साथ लंच के बाद मुख्यमंत्री के तेवर ठंडे पड़ गए। उन्होंने संगठन की जिम्मेदारी पूरी तरह माथुर को देने की बात मान ली और सहयोग का भरोसा दिलाया।
राजनाथ के साथ हुई एक घंटे की बैठक के दौरान वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज भी मौजूद थीं। आलाकमान ने मध्यस्थ का जिम्मा सुषमा को सौंपा था। बैठक में राज्य विधानसभा के आगामी चुनावों को लेकर सत्ता और संगठन सहित पूरे हालात को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इस सलाह को मान लिया कि वे सरकार को और माथुर पूरी तरह संगठन को संभालें।
फिर वही तेवर : जयपुर लौटते ही मुख्यमंत्री के तेवर फिर बदल गए। बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों की शनिवार से शुरू हो रही यात्रा में वे महेश शर्मा को बतौर प्रदेश अध्यक्ष साथ ले जा रही हैं। मुख्यमंत्री शनिवार दोपहर से रविवार दोपहर तक दौरे पर रहेंगी। यात्रा की तैयारियों के लिए पार्टी महामंत्री रामपाल जाट को पहले से भेज दिया गया है।
सुरेश सोनी जयपुर पहुंचे
प्रदेश भाजपा संगठन की बागडोर संघ के एक पुराने स्वयं सेवक को सौंपे जाने के मसले पर शुरू हुए विवादों के बीच राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी शुक्रवार को जयपुर पहुंंचे। सोनी के आगमन को राजनीतिक सरगर्मियों को जोड़कर देखा जा रहा है। शुक्रवार रात को भारती भवन में संघ के पदाधिकारियों की बैठक में दौरान भी यह मामला चर्चा में आया।
दिल्ली में ठंडक क्यों
शुक्रवार को दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सामने कुछ अचूक पैंतरे अपनाए। बताया जाता है कि एक दिन पहले तक इस्तीफे की धमकी दे रहीं मुख्यमंत्री से जब राजनाथ ने कहा कि सभी प्रदेशों के प्रभारी भी बदले जा सकते हैं। निश्चित रूप से राजस्थान के प्रभारी मुंडे की जगह और कोई भी हो सकता है। यह सुनते ही सीएम बैकफुट पर आ गईं। वे मीटिंग से उठीं और यह कहतीं सुनी गईं कि ओम माथुर से तालमेल हो जाएगा।
जयपुर में गर्मी की वजह
राजस्थान में आखिरकार मुख्यमंत्री खुद को ही बलशाली बताना चाहती हैं। कार्यकर्ताओं के बीच भी और मंत्रियों के बीच भी। सूत्रों का कहना है कि यही वजह है कि उन्होंने अध्यक्ष के रूप में महेश शर्मा के साथ अपना दौरा कार्यक्रम बना लिया। इस दौरे का खास पहलू यह है कि इसमें पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन ज्यादा हैं। उधर निवर्तमान अध्यक्ष महेश शर्मा गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी पार्टी कार्यालय में गए और अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे।
इस बीच..
नवनियुक्त भाजपा अध्यक्ष ओम माथुर ने कहा है कि प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार संभालना तो महज औपचारिकता है। असल में तो उन्होंने जोधपुर में पार्टी कार्यकर्ताओ के बीच पहले दिन भाषण देकर ही अपनी भूमिका शुरू कर दी थी। इस बीच जयपुर में प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर महेश शर्मा बैठ रहे हैं। कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं के बीच सवाल उठ रहा है कि जब शर्मा का इस्तीफा मंजूर हो गया तो वे अपने आपको प्रदेश अध्यक्ष क्यों बताना चाहते हैं।
राजस्थान में अब समस्या नहीं : राजनाथ
>> राजस्थान में अब किसी तरह की कोई समस्या नहीं है और सभी लोग मिलकर काम करने को तैयार हैं।
राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाजपा
अध्यक्ष माथुर ही हैं, शर्मा नहीं
>> महेश शर्मा हट चुके हैं। उनके पद पर बने रहने की बातें बचपना हैं। नए प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर ही हैं।
हरिशंकर भाभड़ा
माथुर सात को संभालेंगे गद्दी
संभावना है कि नए अध्यक्ष ओम माथुर अब सात जनवरी को पदभार संभालेंगे। पहले यह कार्यक्रम पांच जनवरी को निर्धारित था।