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शिक्षकों के शोध पत्रों की जांच होगी

जयपुर. gov कैरियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत केवल पदोन्नति लेने के लिए शोध (पीएचडी) करने वाले शिक्षकों पर गाज गिर सकती है। राज्यपाल एस. के. सिंह ने ऐसे शिक्षकों के शोध-पत्रों की गुणवत्ता की विशेषज्ञों की कमेटी से जांच कराने के निर्देश दिए हैं। राज्यपाल ने यह निर्देश उन शिकायतों के बाद दिए जिनमें कहा गया है कि कुछ लोगों ने केवल कैरियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत पदोन्नति लेने के लिए औपचारिक शोध किया है।

राजभवन में शुक्रवार से शुरू हुई कुलपतियों की दो दिवसीय बैठक में राज्यपाल ने कुलपतियों से शिक्षकों के व्यवहार पर भी निगरानी रखने को कहा। उन्होंने कहा कि दलित, पिछड़ों और महिलाओं के प्रति यदि कोई शिक्षक गलत नजरिया रखता है अथवा व्यवहार ठीक नहीं करता है, तो उसे सही रास्ते पर लाने के लिए सभी प्रयास किए जाने चाहिए। बैठक शनिवार को भी होगी।

उन्होंने विश्वविद्यालयों में बिगड़ते शैक्षणिक वातावरण पर भी चिंता जताई और कहा कि कुलपति एवं शिक्षक मिलकर वातावरण को सुधारने का प्रयास करें। छात्रों में अनुशासन बनाए रखने के लिए उन्हें एन.एस.एस., एन.सी.सी. स्काउट जैसी गतिविधियों से जोड़ा जाना चाहिए। सामाजिक बुराइयों के प्रति छात्र-छात्राओं को सचेत करने के लिए समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

पुस्तकालयों के प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश:
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में पुस्तकालयी व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए और कहा कि इसके लिए आवश्यक प्रस्ताव बनाकर भिजवाए जाएं। उन्होंने पुस्तकालयों को कम्प्यूटरीकृत करने और लेखा विवरण ऑनलाइन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

इन विषयों पर हुई चर्चा :
बैठक में विश्वविद्यालय एक्ट, सिंडीकेट, बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट में चयन और उनकी भूमिका, मौजूदा पाठ्यक्रम, कुलपतियों की पहल पर शुरू हुए नए पाठ्यक्रम, शोध और प्रबंधन की स्थिति, छात्रों की शैक्षिक स्थिति, अशैक्षणिक कर्मियों की स्थिति।





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