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शराब ठेके की दुश्मनी पहुंची क्रिकेट के मैदान

बिलासपुर. cricket शहर के अच्छे क्रिकेट खिलाड़ी इन दिनों दहशत में हैं। दो प्रतिद्वंद्वी शराब ठेकेदारों के बेटे इन्हें अपनी-अपनी टीम से खेलने के लिए धमकी दे रहे हैं। विभिन्न टेनिस बाल क्रिकेट स्पर्धा जीतकर ये दोनों क्रिकेट मैदान में एक-दूसरे को मात देना चाहते हैं।पिछले कुछ सालों में यहां टेनिस बाल से कई क्रिकेट स्पर्धाएं आयोजित होने लगी है। इनमें से करीब एक दर्जन क्रिकेट स्पर्धाएं फ्लड लाइट में पूरे तामझाम के साथ खेली जाती हैं।

कुछ बड़ी स्पर्धाओं में तो राज्य से बाहर लखनऊ, इलाहाबाद, नागपुर, जबलपुर तक की टीमें खेलने आती हैं। इनमें स्पर्धा जीतने वाली टीम व उप विजेता टीम को 30-35 हजार रुपए तक नगद इनाम मिलता है। मैन आफ द मैच, बेस्ट बालर, बेस्ट बेट्समैन जैसे कई पुरस्कार रहते हैं, जिन्हें नगद राशि व महंगे गिफ्ट मिलते हैं। क्रिकेट के क्रेज के कारण इन सभी स्पर्धाओं में दर्शकों की भी अच्छी भीड़ होती है।

शहर की कई टीमें इन स्पर्धाओं को जीतकर नाम और दाम दोनों कमाना चाहती हैं। दो-तीन साल पहले तक इन टूर्नामेंट में स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा देखने मिलती थी, लेकिन अब इन स्पर्धाओं में धमकी और फिक्सिंग का खेल होने लगा है। इसकी शुरुआत दो शराब ठेकेदारों के पुत्रों द्वारा की गई है। ये दोनों युवक प्रत्येक स्पर्धा में अपनी टीम उतारते हैं और स्पर्धा जीतने के लिए सभी प्रकार के हथकंडे अपनाते हैं। दोनों शहर के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों को अपनी टीम में रखना चाहते हैं।

इसके लिए खिलाड़ियों को पैसे, सुविधाएं और धमकी तक दी जाती है। ये युवक किसी महत्वपूर्ण मैच में सामने वाली टीम के अच्छे खिलाड़ी पर अपने विरुद्ध नहीं खेलने का दबाव भी डालते हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक राज्य स्तरीय खिलाड़ी ने बताया कि वे शहर से बाहर जा रहे हैं, क्योंकि यहां रहने से उन पर खेलने के लिए दबाव बनाया जाएगा। यूनिवर्सिटी टीम में शामिल एक खिलाड़ी ने भी अनफिट होने का बहाना बनाकर किसी भी टीम से खेलने से इनकार कर दिया है। खिलाड़ियों पर दबाव बनाने के साथ-साथ दोनों युवक मैच के दौरान बड़ी संख्या में अपने समर्थक लेकर आते हैं। ये समर्थक विरोधी टीम के खिलाड़ियों के खिलाफ छींटाकशी और अंपायरों पर हूटिंग करते हैं। इससे मैच के दौरान कई बार विवाद की स्थिति भी बनती है।

इसके साथ ही दोनों युवक विभिन्न स्पर्धाओं के आयोजकों पर देर से एंट्री लेने, फिक्चर अपनी सुविधा से बनवाने के लिए भी दबाव डालते हैं। दोनों ठेकेदार पुत्रों के कारण हालात दिन ब दिन बिगड़ रहे हैं।

जश्न और सुरक्षा
शहर के युवक इन दोनों टीमों में खेलने के इच्छुक भी रहते हैं। इन दोनों टीम में खेलने का मतलब पूरे साल कई बार जश्न, पार्टी और शहर में दबदबा। टीम के युवकों को आर्थिक सहायता व सुरक्षा भी दी जाती है, जिससे वे टीम से जुड़े रहे।

पुलिस को शिकायत का इंतजार
दोनों ठेकेदार पुत्रों के बीच चल रहे तनाव के संबंध में पुलिस अधिकारियों को जानकारी है, लेकिन उनका कहना है कि जब तक कोई शिकायत नहीं आती, तब तक वे कोई भी कार्रवाई नहीं कर सकते।

वर्चस्व
अच्छे खिलाड़ियों को टीम में शामिल होने के लिए दी जाती है धमकी। जल्दी आउट होने और दूसरी टीम से नहीं खेलने का दबाव। फिक्स किए जाते हैं खिलाड़ी। फ्लड लाइट टूर्नामेंट ने बढ़ाई प्रतिद्वंद्विता। स्पर्धा के आयोजकों को भी दी जाती है धमकी। दो शराब ठेकेदार जिले में जहां अपने इलाके को लेकर टकरा रहे हैं, वहीं उनके पुत्र क्रिकेट के मैदान में वर्चस्व स्थापित करने के लिए भिड़ रहे हैं।





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