जोधपुर.
हॉलीवुड स्टार मेडोना अपने जोधपुर प्रवास के दौरान एक केयरिंग मदर के रूप में नजर आ रहीं हैं। मेडोना को राजस्थानी खाने के साथ लोकगीत और नृत्य इस कदर पसंद आए है कि ‘हिना’ को पॉपुलर करने के बाद अब वह राजस्थानी लोकगीतों का एलबम बनाकर परदेस में ‘निम्बूड़ा-निम्बूड़ा’ गीत गाएंगी। साथ ही डिस्को डांस की जगह अब घूमर और डांडिया भी करती नजर आएंगी।
रोहटगढ़ से घोड़े पर सरदार समंद जाते वक्त मेडोना ने शुक्रवार को अनौपचारिक बातचीत में यह खुलासा किया। उन्होंने बताया कि राजस्थान उनकी कल्पना से भी कहीं अधिक सुन्दर है। राजस्थानी भोजन विशेषकर बाजरे का सोगरा और दाल उन्हें खूब पसंद आईं। यहां के लोकगीतों व नृत्य ने तो मंत्रमुग्ध कर दिया।
मेडोना ने कहा कि पिछले साल अपने एक एलबम में हिना को इतना पॉपुलर किया था कि भारत की तर्ज पर अमेरिका व लंदन में मेहंदी लगाने की प्रथा शुरू हो गई। इसी तरह मुझे यहां के लोकगीत व नृत्य इतने पसंद आए कि मैंने उन्हें सीखने का प्रयास किया है। अब राजस्थानी लोकगीतों पर एक एलबम बनाने का इरादा है।
पूर्व नरेश ने दिया शाही भोज
मेडोना शुक्रवार सुबह घोड़े पर सवार होकर सरदारसमंद के लिए निकलीं। करीब 30 किमी का सफर कभी घुड़सवारी से तो कभी कार से तय किया। सरदारसमंद पहुंचकर लंच करने के बाद उन्होंने फिर घुड़सवारी का लुत्फ उठाया। रात को मारवाड़ के पूर्व नरेश गजसिंह की ओर से शाही भोज का आयोजन किया गया। शनिवार को मेडोना उम्मेद भवन पैलेस आएंगी और रविवार को उदयपुर के लिए रवाना हो जाएंगी।
डांडिया व घूमर नृत्य किया
गुरुवार रात हेरिटेज में आयोजित पार्टी में उनकी बेटी भावना और पुत्रवधू रश्मि के साथ मेडोना ने डांडिया ही नहीं खेला, बल्कि घूमर नृत्य के कुछ स्टेप देखने के बाद खुद भी उन्हें दोहराने लगीं। राजस्थानी पहनावा उन्हें इतना पसंद आया कि वे सुर्ख लाल रंग की राजस्थानी पोशाक पहनकर पार्टी में शामिल हुईं।
सरल व सहज सेलिबेट्री
चार दिन के रोहटगढ़ व खांडी गांव प्रवास के दौरान तमाम व्यवस्थाएं देखने वाली श्रीमती रश्मिसिंह ने बताया कि मेडोना राजस्थानी संस्कृति की ऐसी कायल हरुई कि वे हर समय यहां के पहनावे व संस्कृति को बारीकी से समझने की कोशिश करती रहीं। रोहटगढ़ में काम करने वाले बख्तावर से वह काफी खुश हुईं और उसकी मनुहार देखकर कहतीं कि तुम मुझे खाना खिला-खिलाकर मार दोगे।
हिरणों के साथ अठखेलियां
रोहटगढ़ के मालिक ठाकुर मानवेंद्रसिंह ने बताया कि मेडोना विश्व विख्यात पॉप स्टार है, मगर उनका व्यक्तित्व अत्यंत सरल है। मेडोना अपने गोद लिए बच्चों को बेतहाशा प्यार करने वाली एक केयरिंग मदर है। विश्नोइयों की ढाणी में हिरणों को अठखेलियां करते देख वे उत्साहित हुईं कि अपने बच्चों को गले लगाकर उनके साथ खेलने लगीं।
घणा भाया बाजरी रो सोगरा
तोषचन्द्र चौहान. पाली.
मारवाड़ मनुहार पर अंतरराष्ट्रीय पॉप गायिका मेडोना रीझ सी गई। बाजरी के सोगरे (रोटी) के अलावा देशी मसालों की छौंक में तैयार फूलगोभी के स्वाद और उसके परोसने के अंदाज ने मेडोना को इस कदर मोहित किया कि वो बटलर बख्तावर को साथ चलने की मनुहार भरी हस्तलिखित चिट्ठी दे गई।
मेडोना यहां की मेहमांनवाजी से इस कदर अभिभूत हुई कि बोल बैठी-‘तीन दिन में खा-खाकर मोटी हो गई हूं।’ बख्तावर से भी उन्होंने मजाक में कहा ‘तू खिला-खिलाकर मारेगा क्या ?’ मेडोना के साथ रहे बख्तावर की तारीफ में मेडोना ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि ‘मैं इच्छा रखती हूं कि तुम हमारे साथ हमारे घर चलो। उम्मीद है हम जल्द ही फिर मिलेंगे।’
विलायती पर भारी देशी
पाली.
गार्लिक नान रोटी के साथ गोभी के साग का मेडोना ने जमकर जायका लिया। हालांकि उसे विलायती मिठाई एप्पल पाई और एप्पल कस्टर्ड भी परोसे गए, मगर उसने मालपुआ और साबूदाना खीर को तव्वजो दी।
संगीत का फ्यूजन
मेडोना की सुबह उसके अपने साथ लाए विदेशी संगीत की धुनों से शुरू होती थी और सांझ राजस्थानी लोक संगीत की स्वर लहरियों से सजती थी। उन्होंने मांगणियार और कालबेलिया गायकों की खुलकर प्रशंसा की। रोहटगढ़ के सिद्धार्थसिंह ने बताया कि जिस गंभीरता से मेडोना ने दोनों प्रकार के संगीत का आनंद लिया, लगता है जल्द ही फ्यूजन संबंधी प्रयोग सुनने को मिलेगा।
गिरते-गिरते बचीं मेडोना
पाली.
धूप चढ़ते-चढ़ते रोहट से सरदार समंद तक का सफर घोड़े पर तय करते वक्त मेडोना गिरते-गिरते बचीं। सूत्रों के अनुसार रास्ते के बीच में तेज गति से गाड़ी आ जाने की वजह से मेडोना को अपनी घोड़ी को बाड़ में से जंप कराते हुए खेत में घुसना पड़ा। मगर उन्होंने जल्द ही अपना संतुलन साध लिया और मुख्य सड़क पर आ पहुंची, एक कुशल घुड़सवार की तरह।