HomeNewsRajasthanAjmer Ajmer

बोर्ड परीक्षाओं में दो लाख विद्यार्थी बढ़े

अजमेर. माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में इस बार रिकॉर्ड 2 लाख विद्यार्थी बढ़े हैं। बोर्ड प्रशासन ने स्टूडेंट्स की वृद्धि के बाद साढ़े तीन सौ नए परीक्षा केंद्र बनाए हैं। प्रशासन ने सामूहिक नकल के लिए बदनाम तीन जिलों के करीब 63 परीक्षा केंद्र भी निरस्त कर दिए हैं। यह बात बोर्ड के नवनियुक्त कार्यवाहक अध्यक्ष और शिक्षा आयुक्त माध्यमिक शिक्षा डॉ. केके पाठक ने शुक्रवार को कार्यभार संभालने के बाद पत्रकारों से कही।

उन्होंने कहा कि, इस बार सेकंडरी की परीक्षा में करीब 94 हजार विद्यार्थी बढ़े हैं। इधर सीनियर सेकंडरी परीक्षाओं में यह आंकड़ा 84 हजार के पार तक पहुंच गया है। पाठक ने कहा कि, पिछली बार जहां करीब साढ़े 11 लाख विद्यार्थियों ने इम्तिहान दिया था वहीं इस बार साढ़े 13 लाख विद्यार्थी परीक्षा के लिए पंजीकृत हुए हैं। बोर्ड ने विद्यार्थियों की बढ़ी हुई संख्या के मद्देनजर इस बार करीब 4 हजार परीक्षा केंद्र बनाए हैं। प्रशासन ने पिछली बार 3 हजार 682 सेंटर बनाए थे।

घटिया परिणाम आए तो गाज गिरना तय

बोर्ड परीक्षा में घटिया परिणाम आने पर संबंधित शिक्षकों को बख्शा नहीं जाएगा। यह चेतावनी शिक्षा आयुक्त केके पाठक ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कार्यालय में आयोजित संभाग के शिक्षा अधिकारियों की बैठक में दी। उन्होंने कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष कोचिंग की व्यवस्था व संस्था प्रधानों की परीक्षा कार्य योजना की डीइओ स्तर पर समीक्षा के निर्देश भी दिए। पाठक ने शिक्षकों के खाली पदों की जानकारी भी ली। इसके बाद शिक्षा उपनिदेशक ने तोपदड़ा सीनियर सेकंडरी स्कूल में जिला शिक्षा अधिकारियों की मासिक समीक्षा बैठक ली।

छात्राओं को साइकिल जल्द
डॉ. पाठक ने ग्रामीण इलाकों में 2-5 किमी तक की दूरी तय कर स्कूल आने वाली छात्राओं को इसी महीने साइकिल मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, डीइओ दफ्तरों को जल्द ही साइकिलें सौंप दी जाएंगी।

पहले निपटाएं लंबित प्रकरण
विभाग में लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण किया जाएगा। शिक्षा आयुक्त ने इसके लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए।

63 परीक्षा केंद्र निरस्त
कार्यवाहक अध्यक्ष ने बताया कि शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल की शिकायतें मिलने के बाद इस बार 63 परीक्षा केंद्रों को निरस्त कर दिया है। इनमें से धिकतर दौसा, भरतपुर और करौली के हैं। वहीं संवेदनशील केंद्रों को लेकर 9 जनवरी को जयपुर में हाइ पावर कमेटी की बैठक रखी गई है। शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में ऐसे केंद्रों को चिह्न्ति कर वहां पर पैरा मिल्रिटी फोर्स तैनात करने पर निर्णय होगा।

शिक्षकों को सर्वे से दूर रखेंगे
डॉ. पाठक ने कहा कि, पिछले सत्र के खराब नतीजों के बाद बोर्ड के पास 3 हजार के आसपास इनक्वारीज हैं। उनका कहना था कि खराब नतीजों के ज्यादातर मामलों में प्रमुख कारण शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होना है। इस बार प्रयास किया जाएगा कि शिक्षकों को पशुगणना और इस तरह के दूसरे सर्र्वो से दूर रखा जाए। उन्होंने कहा कि सिलेबस में भी किसी प्रकार का संशोधन नहीं किया गया है।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: