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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़.पंजाब में लंबे समय से खाली पड़े स्कूल प्रिंसीपलों के 1300 पदों पर अब सरकार भर्ती कर सकेगी। इन्हें भरने पर लगी रोक शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने हटा ली है। इस बारे में दिए फैसले में चीफ जस्टिस के.जी. बालाकृष्णन और जस्टिस रविंद्रन की बैंच ने कहा कि सरकार राज्य में खाली पड़े पिं्रसीपलों के पदों पर वर्ष 2003 में बनाए नियमों के तहत भर्ती कर सकती है।
फैसले से ज्यादा राहत वोकेशनल टीचरों को मिली है। पिं्रसीपल पद के लिए प्रमोशन में 15 फीसदी हिस्सा वोकेशनल टीचर पा सकेंगे। इससे पहले, वोकेशनल कोर्स के 11वीं और 12वीं कक्षाओं में वोकेशनल कोर्स पढ़ाने के लिए 1987 में भर्ती किए टीचरों को पहले स्कूल कैडर के पिं्रसीपल पद नहीं मिलते थे।
इस पर उन्होंने वर्ष 1991 में पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने सरकार से वोकेशनल टीचरों को भी प्रिंसीपल पद के लिए मौका देने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने वर्ष 2003 में स्कूल पिं्रसीपलों के पद पर प्रमोशन के संबंध में नए नियम बनाए थे। इनके अनुसार प्रमोशन में 30 फीसदी आरक्षण हैडमास्टरों को, 15 फीसदी वोकेशनल टीचरों को और 55 फीसदी स्कूल लैक्चर्स को दिया जाना था।
सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी :
इन नियमों से खफा राज्य के सरकारी स्कूल लैक्चर्स यूनियन ने इन्हें सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रिंसीपलों की भर्ती पर रोक लगा दी थी। तब से यह मामला लंबित था और राज्य में स्कूल कैडर के प्रिंसीपलों के लगभग 1300 पद खाली पड़े थे।