नई दिल्ली.मध्य कमान में अपने तबादले की सिफारिश से नाखुश सेना की उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एचएस पनाग शनिवार को रक्षा मंत्री एके एंटोनी से मुलाकात करेंगे। रक्षा मंत्री के साथ बैठक में वे उत्तरी कमान में अपने कार्यकाल के बीच में किए जा रहे तबादले के खिलाफ औपचारिक विरोध दर्ज कराएंगे।
टेंट खरीद मामले की जांच
उधमपुर स्थित महत्वपूर्ण उत्तरी कमान से कम महत्व की कमान में लेफ्टिनेंट जनरल पनाग का तबादला ऐसे समय किया जा रहा है, जब वे टेंट खरीद मामले की जांच कर रहे हैं। इस खरीद को वर्तमान सेनाध्यक्ष जनरल दीपक कपूर ने तब हरी झंडी दी थी, जब वे वहां कमांडर थे। सूत्रों के मुताबिक, खरीदी के 15 भिन्न मामलों में जांच जारी है, जिनमें से ज्यादातर के आदेश जनरल कपूर के कार्यकाल में दिए गए थे।
एक अधिकरी को नोटिस
गौरतलब है कि अपनी ईमानदारी के लिए जनरल कपूर का सेना में बहुत सम्मान है और किसी भी जांच में उनके खिलाफ कुछ नहीं पाया गया है। हालांकि जांच शुरू होने के बाद से एक मेजर जनरल को जरूर शोकॉज नोटिस दिया गया है। लखनऊ स्थित मध्य कमान में पनाग के तबादले की सेना मुख्यालय की सिफारिश फिलहाल रक्षा मंत्रालय में लंबित है। इसे नियुक्ति संबंधी कैबिनेट समिति की मंजूरी भी मिलनी है। लेफ्टिनेंट जनरल पनाग अगले वर्ष ३१ दिसंबर को रिटायर होंगे।
होड़ का नतीजाजनरल कपूर के सेनाध्यक्ष बनने के बाद आर्टीलरी और इन्फेंट्री लॉबी के बीच जो होड़ शुरू हुई थी, वह अब गंभीर रूप लेती जा रही है। जनरल कपूर आर्टीलरी के अफसर रहे हैं और उनके समर्थकों के मुताबिक, वे सेना की इस शाखा के पुराने विशेषाधिकार को बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि उनके विरोधियों का यह भी कहना है कि वे सेना की अन्य शाखाओं की कीमत पर आर्टीलरी का एजेंडा पूरा करने में आक्रामक ढंग से लगे हैं। बॉलीवुड अभिनेत्री गुल पनाग के पिता लेफ्टिनेंट जनरल पनाग भी अपनी ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं, लेकिन नियमों को लेकर उनकी सख्त मिजाजी अन्य अफसरों को हजम नहीं होती।
सेना की समस्यासेना की परेशानी यह है कि अगले दो माह में पूर्वी कमान और मध्य कमान के प्रमुख अवकाश ग्रहण करने वाले हैं। नए कमांडरों को कश्मीर जैसी कमान का अनुभव भी कराना है, ताकि वे भविष्य के लिए तैयार हो सकें। जम्मू-कश्मीर में अगले साल विधानसभा चुनाव भी होने हैं। सेना चाहती है कि नए कमांडर को वहां के पूरे हालात से अवगत होने का मौका दिया जाए।