HomeNewsPunjabAmritsar Amritsar

प्रोफेशनल में पर्सनल को आड़े न आने दें

अमृतसर.एक औरत में यदि कुछ करने की इच्छा शक्ति हो तो उपलब्धियां खुद ब खुद उसके कदम चूमने लगती हैं। परिवार भी अगर उस औरत का साथ दें तो वह और सशक्त हो जाती हैं। परिवार और करियर के सही तालमेल के साथ सक्सेस को अचीव करना मुश्किल नहीं है।

रिपोर्टर ने शहर की एक ऐसी महिला से बात की, जिसने हर तरह से स्ट्रगल कर मुकाम हासिल किया है। यह महिला हैं डा. सुखमनी मान। उन्होंने बताया कि वह चाहती हैं कि देश की महिलाएं अपने को पहचानें, अपनी ताकतों को जानें और आगे बढ़ें। शहर में डेंटिस्ट्री की पढ़ाई और प्रैक्टिस करने के बाद वह एक साल अमेरिका पढ़ाई के लिए र्गई।

शहर वापस आकर उन्होंने मजीठा रोड स्थित हॉस्पिटल केएच को सक्सेस बनाने में जी-जान लगा दी। अपनी मेहनत से डा. सुखमनी ने अपनी अलग पहचान बनाई। पिछले आठ सालों से घर और प्रोफेशनल लाइफ को मैनेज कर रहीं डा. सुखमनी ने बताया कि शादी से पहले और शादी के बाद उसने कभी अपनी प्रोफेशनल लाइफ को पर्सनल लाइफ के आड़े नहीं आने दिया।

शादी के सात साल बाद भी वह टाइम मैनेजमेंट का पूरा ख्याल रखती हैं ताकि उनकी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ में कोई प्रॉब्लम न आए। अपनी मेहनत और लग्न की वजह से डा. सुखमनी मान आज न केवल पर्सनल लाइफ में खुश हैं, बल्कि खुद की अलग पहचान बनाने में कामयाब हो पाई हैं। डा. मान ने बताया कि यदि कोई महिला एक बार भी मन में कुछ करने की ठान लेती हैं, तो उसे करके दिखाती है।

उन्होंने कहा कि उन्होंने हॉस्पिटल मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएशन की है और इस समय फोर्टिस एस्कोर्ट में बतौर डेंटिस्ट काम कर रही हैं। वह बताती हैं कि महिलाओं को जागरूक करने के लिए ही वह अमेरिका से इंडिया वापस आई और केएच हॉस्पिटल के साथ कई गांवों में कैंप्स लगाने शुरू किए। इन कैंप्स में उन्होंने महिलाओं को उनके अधिकारों से परिचित करवाया। जिन परिवारों में पहले झगड़े होते थे, वहां आज शांति है।

डा. सुखमनी ने गांव की महिलाओं को बताया कि कम उम्र में शादी करने से कितनी मुश्किलें आती हैं। गांवों की महिलाओं ने उनकी हर बात सुनी और आज वे बेहद खुश हैं। उन्होंने बताया कि आज महिला को अपनी लुक की तरफ ही ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि जिंदगी में सक्सेस होने के लिए मेहनत और लग्न की बहुत जरूरत है। अगर आप अपने काम का नजरिया सही रखते हैं तो जिंदगी के हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकते हैं। डा. सुखमनी ने बताया कि आने वाले समय में वह मरीजों की इसी तरह से सेवा करना चाहेंगी।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: