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Indians Abroad Indians Abroad कोलंबो. श्रीलंका ने तमिल विद्रोहियों के साथ छह साल पहले किए युद्ध विराम समझौते को तोड़ते हुए कहा कि लिट्टे पर प्रतिबंध लगाने का फिलहाल सरकार का कोई इरादा नहीं है।
श्रीलंका के विदेश मंत्री रोहिता बोगोलागमा ने कहा कि फिलहाल हम लिट्टे को प्रतिबंधित करने की कोई योजना नहीं बना रहे हैं। प्रतिबंध से संबंधित खबरें महज अफवाहें हैं।
राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना था कि प्रतिबंध और युद्ध विराम संधि का स्थगन दोनों ही साथ में लागू किया जाएगा लेकिन लंका सरकार ने केवल संधि से ही हाथ पीछे खींचने का फैसला किया है।
अगर सरकार लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल एलम को फिलहाल प्रतिबंधित नहीं कर रही है तो उसकी भविष्य की क्या योजना है, इस सवाल के संक्षिप्त जवाब में विदेश मंत्री ने कहा कि सरकार सभी पहलुओं पर गौर कर रही है।
इसके अलावा विदेश मंत्री ने राष्ट्रपति महिंदा राजपकसे के 26 दिसंबर के बयान को दोहराते हुए कहा कि सरकार की मंशा है कि वह बातचीत से संघर्ष के मसले को हल करे, अगर लिट्टे हथियार छोड़कर बातचीत से हल निकालने को तैयार हो तो।