बीकानेर.
‘मितर प्यारे नू हाल मुरीदां दा कैणा..’ गुरु गोविंदसिंह के कुछ ऐसे ही शबदों को गाते-दोहराते श्रद्धालुओं ने शनिवार को गुरुद्वारों में पहुंचकर मत्था टेका। यूं तो जयंती के मौके पर कई दिनों से गुरुद्वारों में अखंड पाठ-कीर्तन सरीखे कार्यक्रम चल रहे थे मगर शनिवार को अखंड पाठ का भोग भरा गया।
रानी बाजार गुरुद्वारे में हजूरी रागी ज्ञानी सुरेन्द्रसिंह रैना के सान्निध्य में अखंड पाठ का भोग पढ़ा गया। इस मौके पर दीवान सजा और ज्ञानी रैना ने गुरु गोविंदसिंह के शबद और वाणियों का बखान करने के साथ ही जयंती का महžव भी बताया। महिलाओं ने स्त्री सत्संग में गुरुओं की महिमाओं का बखान किया। इस मौके पर कनाडा के भाई मंजीतसिंह जत्थे ने कीर्तन और गुरुवाणियों से माहौल भक्तिमय कर दिया।
उन्होंने गुरु गोविंदसिंह के लिखे शबद ‘तहि प्रकाश हमारा भयो..’ की प्रस्तुति व्याख्या के साथ की। गुरुद्वारे में हुए लंगर में जहां महिला-पुरुष कार्यकर्ताओं ने सेवाएं दी वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद पाया। शाम को बच्चों ने कविता, कीर्तन, शबद आदि प्रस्तुत किए। बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया। इस मौके पर पटाखे चलाकार खुशियां जताई गई।
लालगढ़ व जयनारायण व्यास कॉलोनी गुरुद्वारे में भी सुबह से रात तक गुरु गोविंदसिंह जयंती के उपलक्ष्य में आयोजन चलते रहे। इन गुरुद्वारों में जहां सत्संग-कीर्तन, शबद का गायन-श्रवण हुआ वहीं लंगर भी बरपा।