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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. कलेक्टर ने जिले के शस्त्र कारोबारियों के लाइसेंस नवीनीकरण से पहले जांच के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिए हैं। जांच का काम अभी जारी रहने के कारण वर्ष 2008 में जिले के 39 में से केवल दो लाइसेंसियों को ही कारोबार की इजाजत दी गई है। शेष को हथियारों का क्रय-विक्रय बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि जिले के अधिकांश शस्त्र लाइसेंसियों के लाइसेंस का नवीनीकरण तिथि 31 दिसंबर 2007 तक होने के कारण अब वे कारोबार नहीं कर सकते हैं। एडीएम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, न्यायालय के आदेश पर छह शस्त्र कारोबारियों के नवीनीकरण आवेदन गृह विभाग को भेजे गए हैं। दो लाइसेंसियों के प्रस्ताव राजस्व अधिकारियों की जांच के बाद निरस्तीकरण के लिए भेजे गए हैं। एक लाइसेंसी ने शस्त्र लाइसेंस समर्पण की इच्छा जाहिर करते हुए आवेदन किया है। यह सभी मामले फिलहाल गृह विभाग के पास लंबित हैं। जिले में दो शस्त्र लाइसेंसियों बालाजी गन हाउस व राजावत गन हाउस को 31 दिसंबर 2008 तक कारोबार की इजाजत दी गई है।
एडीएम वेद प्रकाश ने जिले के शेष रहे उन सभी शस्त्र लाइसेंसियों की दुकानों की जांच के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिए हैं जिनके नवीनीकरण 31 दिसंबर 2007 तक थे। राजस्व अधिकारियों ने सभी दुकानों की जांच कर स्टाक व बिक्री रजिस्टर क्लोज कर दिया है ताकि लाइसेंसी पिछली तिथियों में शस्त्र का क्रय-विक्रय न कर सकें। इसके बाद भी कुछ दुकानदारों द्वारा पिछली तिथियों में या फिर अन्य तरह से कारोबार की खबर जिला प्रशासन तक पहुंची है।
एडीएम ने जिले की 33 दुकानों की जांच के लिए 10 अधिकारी तैनात किए हैं। इन सभी से एक जनवरी तक रिपोर्ट मांगी गई थी, पर केवल विनोद भार्गव, एमसी मुडिया, अनिल राघव व सीताराम वर्मा (सभी राजस्व अधिकारी) ने 12 दुकानों की जांच रिपोर्ट एडीएम कार्यालय को सौंपी है। कुछ प्रस्ताव इसलिए लंबित हैं कि पुलिस अधीक्षक ने कलेक्टर के पास जांच रिपोर्ट नहीं भेजी है।
जांच का काम शीघ्र पूरा करने के लिए राजस्व अधिकारी अश्विनी रावत, भूपेंद्र सिंह सिकरवार, मुकुल गुप्ता, योगेंद्र तिवारी, भरत कुमार, एचबी शर्मा को एडीएम वेद प्रकाश ने स्मरण पत्र भेजकर प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा है।