अजमेर. अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को पब्लिक के सहयोग की जरूरत है। शनिवार को जिला सामुदायिक समन्वयक दल की बैठक में एसपी एस. सेंगाथिर ने कहा कि वारदात के बाद लोग विरोध प्रदर्शन में तो समय और शक्ति लगाते हैं, लेकिन अपराधियों के बारे में सूचना देने और सबूत जुटाने में सहयोग के लिए आगे नहीं आते, इसका फायदा अपराधियों को मिलता है।
उन्होंने लोगों का भय मुक्त होकर अपराधियों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।एसपी सेंगाथिर ने बैठक में सरवाड़-नसीराबाद गोलीकांड में पुलिस तफ्तीश का हवाला देते हुए बताया कि घटना के बारे में किसी ने भी खुलकर बयान नहीं दिए। प्रत्यक्षदर्शी भी जानकारी देने से कतराते रहे। इस स्थिति से पुलिस को अपराधियों को पकड़ने में मुश्किल का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि पुलिस की मदद करने की बजाए लोग बाजार बंद कराने में जुटे रहे। एएसपी ललित माहेश्वरी ने कहा कि लोगों को पुलिस पर भरोसा करना चाहिए। अपराधियों को रंगदारी देने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि आने वाले समय में परेशानी बढ़ती है। बैठक में रमेश लालवानी ने थानों का परिसीमन नए सिरे से करने की जरूरत बताई।
गनी गुर्देजी व मुकेश काकरिया ने दरगाह इलाके में भिखारियों और अतिक्रमण से होने वाली समस्याओ के स्थाई समाधान पर बल दिया। सदस्यों ने समय के साथ सुधर चुके लोगों की हिस्ट्रीशीट बंद करने की जरूरत पर बल दिया।बैठक में डीएसपी शिल्पा चौधरी, नरेश मीणा व संग्राम सिंह ने भी कानून व्यवस्था के बारे में सीएलजी सदस्यों के सहयोग की जरूरत बताई।
सतर्कता जरूरी
एसपी एस सेंगाथिर ने लोगों को आगाह किया है कि सतर्कता से अपराधियों पर काबू पाया जा सकता है। मकान में किराएदार और नौकर रखने से पहले उसके बारे में पूरी छानबीन की जानी चाहिए।भोले-भाले दिखाई देने वाले चेहरों के पीछे दहशतगर्द भी हो सकता है। संदिग्ध लोगों के बारे में पुलिस को सूचना देनी चाहिए। सेंगाथिर ने अनजान लोगों को वाहन देते समय उसके बारे में पूरी पड़ताल करने की जरूरत भी बताई।