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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर.
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह के समक्ष सम्मेलन में पार्टी के पदाधिकारियों का गुस्सा फूट पड़ा। सम्मेलन का माहौल काफी गरम रहा, और उसमें आए अधिकतर पदाधिकारी खुलकर बोले। हर किसी की एक ही शिकायत थी कि विधायक,मंत्री और प्रभारी मंत्री अपने-अपने-अपने क्षेत्र में जाते नहीं हैं, हमारी सुनते नहीं हैं, अधिकारी निरंकुंश हो गए हैं। हम किसको सुनाएं अपनी व्यथा, क्या ऐसे ही सफल होगा मिशन 2008।
भाजपा के प्रदेश स्तरीय मंडल अध्यक्षों, महामंत्रियों एवं जिला अध्यक्षों के आयोजित सम्मेलन के मुख्य अतिथि राजनाथ सिंह द्वारा अपने भाषणों में यह कहना कि मप्र के उपचुनाव में पार्टी की जो हार हुई है, उन कारणों की खोजबीन के लिए भाजपा को कमेटी बनाना चाहिए। उनके भाषण पूरे नहीं हो पाए थे कि खंडवा,विदिशा, भोपाल से आए कुछ पदाधिकारियों का गुस्सा फूट पड़ा और वे खड़े हो गए, उन्होंने कमेंट्स कसते हुए कहा कि कमेटी बनाने से क्या होगा। इसी बीच कुछ अन्य पदाधिकारी खड़े हो गए,उन्होंने कहा कि विधायक और प्रभारी मंत्रियों के पास हमारी बात सुनने, जनता की समस्याएं जानने और क्षेत्र में जाने का समय नहीं है।
अंचल के अलावा भोपाल, सागर, खंडवा आदि जगहों से आए पदाधिकारी तो इतने गुस्से में थे कि उन्होंने तपाक से कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बारे में कई अफवाह फैलाई जा रही हैं, वे इतने खराब नहीं हैं। उनके नेतृत्व में मप्र में तभी चुनाव जीता जा सकता है, जब अगले विधानसभा चुनाव में विधायक पद के उम्मीदवार बदले जाएं, वर्तमान विधायकों को पुन: टिकट दे दिया गया तो पार्टी का सफाया ही हो जाएगा। इनके कथन का सम्मेलन में आए अधिकतर पदाधिकारियों ने समर्थन किया।
पदाधिकारियों की नाराजगी और गुस्से को शांत करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि वे जल्द ही विधायक और प्रभारी मंत्रियों से कहेंगे कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाएं और जनता की समस्याएं सुनें व मंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठें।उन्होंने कहा कि जो विधायक या प्रभारी मंत्री उनकी बात नहीं सुने उसकी शिकायत मुख्यमंत्री और उनसे करें। श्री सिंह के यह कहने के बाद कार्यकर्ताओं का गुस्सा शांत हुआ।
पूर्व में श्री सिंह ने पं. दीनदयाल उपाध्याय, डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कैंसर चिकित्सालय की छात्राओं ने वंदेमातरम् गीत की प्रस्तुति दी। प्रारंभ में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह का मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर और भाजपा के शहर जिलाध्यक्ष अभय चौधरी ने स्वागत किया। संचालन भाजपा के प्रदेश मंत्री अजय प्रताप सिंह ने किया। मंच पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह के अलावा राष्ट्रीय सचिव प्रभात झा, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, प्रदेश महामंत्री संगठन माखन सिंह, नंद कुमार सिंह चौहान, भूपेन्द्र ठाकुर, बृजेन्द्र सिसौदिया, मायासिंह, अरविन्द भदौरिया, रामेश्वर शर्मा, चन्द्रमोहन त्रिपाठी, गौरीशंकर बिसेन, बाबूसिंह उपस्थित थे।
इस अवसर पर सांसद यशोधरा राजे सिंधिया, महापौर विवेक नारायण शेजवलकर, वेदप्रकाश शर्मा, शीतला सहाय, जयभान सिंह पवैया, जगदीश शर्मा, पूरन सिंह पलैया, जयसिंह कुशवाह प्रदेश सरकार के मंत्री अनूप मिश्रा, लक्ष्मीकांत शर्मा, डा. नरोत्तम मिश्रा, नारायण सिंह कुशवाह, विधायक ध्यानेन्द्र सिंह, अर्चना चिटनिस, सुधा मलैया, अनुराग बंसल, वेदप्रकाश शिवहरे, धीरसिंह तोमर, बृजेन्द्र सिंह जादौन, अनिल दबे, अनिल ओक, भगवत शरण माथुर, अरविन्द मेनन, राकेश डागोर सहित मंडल अध्यक्ष, मंडल महामंत्री, जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित थे।
यूपीए सरकार से देश संकट में : राजनाथ
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने केंद्र की यूपीए सरकार के खिलाफ तीखे तेवर दिखाते हुए देश में संकट गहराने की बात कही है। श्री सिंह शनिवार की दोपहर यहां संवाददाताओं से चर्चा कर रहे थे। उनके साथ मप्र के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, राष्ट्रीय सचिव प्रभात झा, सांसद यशोधरा राजे, जलसंसाधन मंत्री अनूप मिश्रा भी थे।
पार्टी के मंडल अध्यक्षों के राज्य स्तरीय सम्मेलन में शामिल होने आये राजनाथ सिंह ने कहा कि यूपीए सरकार हर मोर्चे पर असफल रही है। उपभोक्ता वस्तुओं के दाम जिस तरह से बढ़ रहे हैं, उससे साफ है कि सरकार अर्थव्यवस्था पर अपनी पकड़ बनाने में असफल रही है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने के संकेत हैं। इससे चीजों के दाम और बढ़ेंगे।
खाद्य सुरक्षा का संकट
महंगाई के बाद खाद्य सुरक्षा के संकट का जिक्र करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आठ बरसों तक देश में बाहर से खाद्यान्न मंगाने की जरूरत नहीं पड़ी पर केंद्र में यूपीए सरकार के आने के बाद पहली बार ऐसी नौबत आई। सरकार जिस रेट पर दूसरे देशों से अनाज खरीद रही है वहीं दर अगर देश के किसानों को दी होती तो देश के खाद्य भण्डार पहले की तरह भरे होते।
आंतरिक सुरक्षा का संकट
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि देश में आतंरिक सुरक्षा का संकट भी गहराया है। यूपीए सरकार के कार्यकाल में जम्मू-कश्मीर को छोड़ देश में 11 आतंकी घटनाएं हुई हैं। इनमें किसी आतंकवादी का मारा जाना तो दूर किसी आतंकवादी को गिरफ्तार तक नहीं किया जा सका। यूपीए ने सत्ता में आते ही पोटा जैसा कानून बिना किसी वैकल्पिक कानून के समाप्त कर दिया। इससे आतंकवादियों के हौसले बुलन्द हुए हैं। देश के 170 जिले नक्सलवाद की चपेट में हैं और सरकार के पास उसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कोई एकीकृत योजना नहीं है।
सामाजिक समरसता का संकट
यूपीए सरकार पर विकास को कम्युनल कलर देने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भारत का संविधान धर्म के आधार पर फण्ड एलोकेशन का अधिकार नहीं देता है, लिहाजा मजहब के नाम पर सुविधाएं बांटे जाने का भाजपा विरोध करती है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने इस देश में कम्युनल अवार्ड बांटने का काम किया था और यूपीए सरकार भी उसी राह पर चल रही है।
तेज हो सकती है आतंकी घुसपैठ
पाकिस्तान के ताजा हालात और बेनजीर भुट्टो की हत्या को भारत के लिए भी गंभीर चुनौती बताते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान में हालात गृहयुद्ध के से हैं. इसके चलते पाकिस्तान अपनी आतंरिक समस्या से लोगों का ध्यान हटाने के लिए भारत में आतंकी घुसपैठ तेज करा सकता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के जो हालात हैं, उससे न केवल भारत को बल्कि साउथ एशिया , अमेरिका और यूरोपीय देशों के लिए संकट गहरा रहा है।
अपनी बात का खुलासा करते हुए उन्होंने कहा कि सब जानते हैं कि पाक के पास न्युक्लियर हथियार हैं। अगर ये हथियार आतंकवादियों के कब्जे में आ गये तो परिणाम खतरनाक होंगे। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि विव्श्र समुदाय को इस बात पर गंभीरता से विचार करना चाहिए कि पाक में चल रहे 59 आतंकवादी प्रशिक्षण केंद्रों को नेस्तनाबूद करने के लिए ज्वाइंट मिल्रिटी एक्शन प्लान चलाया जाये।
उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2001 से 2006 तक अमेरिका ने पाक को सैन्य सहायता के लिए जो राशि दी है, वह 1959 से 2000 तक दी गई राशि से हजार गुना ज्यादा है और पाकिस्तान ने इस राशि का उपयोग आतंकवाद को खत्म करने में नहीं बल्कि एयर स्पेशिक जेट फाइटर खरीदने में किया है। श्री सिंह का कहना था कि पाक ने जब भी भारत के साथ लड़ाई की है तब-तब उसने अमरीकी हथियारों का इस्तेमाल किया है, यह किसी से छिपा नहीं है।
'अगला चुनाव शिवराज के नेतृत्व में ही'
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने साफ कहा है कि मप्र में अगला विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में ही लड़ा जायेगा। ग्वालियर प्रवास पर संवाददाताओं के बीच श्री सिंह ने प्रदेश सरकार की यह कहते हुए तारीफ की कि सरकार ठीक चल रही है और वह जनता की अपेक्षाओं की कसौटी पर खरी उतरे, इसके लिए अधिक से अधिक प्रयास किये जायें। मुख्यमंत्री के परिवार पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और साफ नीयत के साथ काम रहे हैं, उन पर अनावश्यक लांछन लगाना ठीक नहीं है। हाल ही में खरगौन और सांवेर के उपचुनावों में हुई भाजपा की पराजय को लेकर भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि हम हमेशा जनादेश का सम्मान करते हैं।
नतीजों की समीक्षा कर पराजय के कारणों की तलाश कर रहे हैं। इसके बाद कारणों के निवारण का प्रयास किया जायेगा। पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती के भाजपा में वापस लौटने की संभावना के सवाल पर राजनाथ सिंह सीधे कुछ कहने से बचते रहे पर उमाश्री की ओर से समय-समय पर आने वाले बयानों की ओर ध्यान दिलाने पर उन्होंने कहा- मैं जो सुनना चाहता हूं, वही सुनता हूं। परिसीमन आयोग की रिपोर्ट और अगले चुनावों के बारे में किये गये सवाल पर भाजपा अध्यक्ष ने आगामी चुनाव नये परिसीमन के आधार पर कराये जाने पर सहमति जताई।