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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. नि:शुल्क पुस्तक वितरण योजना के दौरान प्राचार्यो के डिपो प्रभारी होने के कारण स्कूलों में पढ़ाई व संस्था के संचालन में परेशानी होती थी। प्राचार्य पुस्तक वितरण का कार्य देखते थे, जबकि उनके स्कूलों में शिक्षक अध्यापन कार्य में लापरवाही बरतते थे और छात्र-छात्राओं की पढ़ाई का नुकसान होता था। साथ ही प्राचार्य के डिपो प्रभारी होने के कारण पुस्तकों का वितरण भी धीमी गति से होने की शिकायत विभाग को मिली थी।
इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पापुनि के महाप्रबंधक सुभाष मिश्रा ने स्कूल शिक्षा मंत्री अजय चंद्राकर के निर्देश पर सभी ब्लाक शिक्षाधिकारियों को अस्थाई डिपो का प्रभारी बनाया है। पूर्व में उन्होंने लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक को पत्र लिखकर सभी ब्लाक शिक्षाधिकारियों की सूची मांगी थी, जो उन्हें प्राप्त हो गई है।
इस संबंध में संभागीय डिपो प्रबंधकों को भी पत्र लिखा जा चुका है।सत्र 2008-09 के लिए पुस्तकों का वितरण ब्लाक शिक्षाधिकारियों के जिम्मे होगा। ब्लाक शिक्षाधिकारियों के डिपो प्रबंधक बनने से पुस्तक वितरण में तेजी आने की उम्मीद विभाग को है।
उल्लेखनीय है कि पापुनि के स्थानीय संभागीय कार्यालय व डिपो के अंतर्गत बिलासपुर, कोरबा व जांजगीर चांपा जिले आते हैं। जहां क्रमश: 10, 6 व 9 अस्थाई डिपो है। पुस्तके प्रकाशित होने के बाद इन डिपो में भेज दी जाती हैं, जहां से इनका वितरण संकुलवार स्कूलों में किया जाता है। आगामी शिक्षा सत्र में भी यही व्यवस्था लागू रहेगी।
हर जिले के लिए होगा प्रतिनिधि
अब हर जिले के लिए पापुनि द्वारा एक-एक प्रतिनिधि की नियुक्ति की जा रही है। जिसका कार्य जिला शिक्षाधिकारी व राजीव गांधी शिक्षा मिशन कार्यालय से छात्र-छात्राओं की दर्ज संख्या का पता लगाकर उसकी पुष्टि करने के पश्चात पापुनि के पास भेजना होगा।
प्रतिनिधियों द्वारा भेजी जाने वाली छात्र संख्या के आधार पर ही आगामी शिक्षा सत्र के लिए पुस्तकों का प्रकाशन किया जाएगा। संभागीय डिपो प्रबंधक बिलासपुर एनआर पटेल को प्रतिनिधि बनाया गया है, जिन्होंने हाल ही में कोरबा का दौरा कर वहां के छात्र-छात्राओं की संख्या की जानकारी इकट्ठी की और उसे पापुनि के पास भेजा।